‘आप’ का क्या होगा ?

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: एक तरफ केजरीवाल पर अदालत ने गडकरी मानहानि मामले में मुकदमा चलाने का आदेश दिया है वहीं दूसरी तरफ मनीष सिसोदिया बनाम योगेन्द्र यादव की लड़ाई तेज हो गई है. ऐसे में आम आदमी पार्टी का भविष्य क्या होगा इस पर सवाल किये जा रहें हैं. गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल पर गडकरी मानहानि केस में धारा 499 एवं 500 के तहत आरोप तय करते हुए मुकदमा चलाया जायेगा. जिसमें 2 साल के सजा का प्रावधान है. इसके बावजूद अरविंद केजरीवाल किसी भी तरह से समझौते के मूड में नहीं हैं.

शुक्रवार को पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई के दौरान जज ने दोनों को समझौता करने का मौका भी दिया, ताकि यह केस यहीं खत्‍म किया जा सके. इस पर गडकरी ने कहा कि अगर केजरीवाल माफी मांग लें तो वे केस वापस लेने को तैयार हैं, लेकिन अरविंद नहीं माने. लिहाजा, कोर्ट ने केस में आरोप तय करने के लिए एक बजे सुनवाई करने के निर्देश दिए. वहीं आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अदालत में खुद को दोषी न मानते हुए केस के ट्रायल की मांग की.

इस केस की सुनवाई के दौरान जज ने केजरीवाल से कहा “आप तो एक एजेंडे के साथ राजनीति में आए थे. ये किस चक्कर में फंस गए? पूरी दुनिया की नजर आप दोनों पर है. सबके सामने एक उदाहरण पेश कीजिए. यह इज्जत का सवाल नहीं है. अगर आपके पास सबूत है तो केस करें. पर मीडिया में ऐसे बयान देने की क्या जरूरत?” इस पर केजरीवाल ने कहा ” मेरी नितिन गडकरी के साथ कोई निजी दुश्मनी नहीं है.” उन्होंने आगे जज से कहा कि “मैं अपना बयान वापस नहीं लूंगा.” केजरीवाल के इस बयान से अब यह तय हो गया है कि आने वाले समय में अरविंद केजरीवाल को अदालती कार्यवाही में उलझे रहना पड़ेगा.

दूसरी तरफ, पार्टी संगठन में बड़े नेताओं के बीच झगड़े सतह पर आ गये हैं. हरियाणा में हार को लेकर मनीष सिसोदिया ने योगेन्द्र यादव पर आरोप लगाये हैं. उन्होंने लगभग लताड़ लगाने वाले अंदाज में हरियाणा में पार्टी के खराब प्रदर्शन का ठीकरा योगेंद्र यादव के सिर फोड़ा है. साथ ही योगेंद्र यादव से सवाल किया है कि क्या वो आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल को खत्म करना चाहते हैं.

मीडिया के सामने आई मनाष सिसोदिया की चिठ्ठी जो योगेन्द्र यादव को लिखी गई में कहा गया है कि “आपका मुख्य आरोप है कि अरविंद राजनीतिक मामलों की समिति के सुझावों को नहीं सुनते हैं. मैं आपके ई-मेल को पढ़कर आश्चर्यचकित हूं क्योंकि जब तक अरविंद आपसे सहमत थे तब तक वह लोकतांत्रिक थे.” गौरतलब है कि मनीष के चिट्ठी लिखने का प्रमुख कारण ही इन दोनों के बीच का झगड़ा है. योगेन्द्र यादव और जयहिंद क्रमश: गुड़गांव और रोहतक लोकसभा सीटों से चुनाव लड़े थे तथा दोनों ही हार गए थे. यादव जहां हरियाणा के प्रभारी थे वहीं जयहिंद पार्टी के राज्य संयोजक थे.

जाहिर है कि एक तरफ आने वाले समय में आम आदमी पार्टी के संयोजक केजरीवाल अदालती केस में उलझे रहेंगे वपहीं पार्टी के दो बड़े नेता मनीष सिसोदिया तथा योगेन्द्र यादव के चल रहे तकरार से पार्टी संगठन में बिखराव का संकेत मिल रहा है. ऐसे में यह सवाल किया जा रहा है कि ‘आप’ का क्या होगा ?

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