मस्तिष्क का विकास करने वाला जीन

टोरंटो | एजेंसी: शोधकर्ताओं ने उस जीन का पता लगाया है, जिसके कारण स्वस्थ मस्तिष्क का उपयुक्त विकास होता है. ‘एसएनएफ2एच’ नामक जीन संतुलन के लिए, अच्छे मोटर नियंत्रण और जटिल शारीरिक गतिविधियों के लिए मस्तिष्क के सबसे बड़े नियंत्रण केंद्र के विकास के लिए उत्तरदायी है.

शोधकर्ताओं ने जब यह जीन एक चूहे से जल्दी निकाल लिया तो उसके मस्तिष्क का विकास सामान्य से केवल एक तिहाई ही हुआ.

चूहे को चलने, संतुलन बनाने और गतिविधियों से समन्वय बनाने भी कठिनाई हुई, जिसे अनुमस्तिष्कीय गतिविभ्रम कहते हैं, जो कि कई तंत्रिका अपक्षयी रोगों का घटक है.

कनाडा के ओटावा अस्तपाल शोध संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डेविड पिकेट्स ने बताया, “यह मास्टर जीन इस बात के लिए उत्तरदायी है कि कौन जीन काम करेगा और कौन साथ में बंद रहेगा.”

उन्होंने बताया, “एसएनएफ2एच की गैरमौजूदगी में, जिन जीनों को बंद रहना चाहिए, वे सक्रिय हो जाते हैं, जबकि अन्य जीन ठीक से सक्रिय नहीं रहते.”

पिकेट्स ने बताया, “कोशिकाओं के न्यूकल्स के अंदर के इस असमायोजन के कारण एक तंत्रिका निर्माण होता है, जो अच्छी तरहर काम नहीं करती.”

मस्तिष्क की लगभग आधी तंत्रिकाएं अनुमस्तिष्क में होती हैं. यह बाहरी उत्तेजनाओं के लिए भी प्रतिक्रिया विकसित करता है.

शोधकर्ताओं ने पाया कि एसएनएफ2एच जीन इस जटिल और सतत प्रक्रिया को गुप्त रूप से आयोजित करता है.

पिकेट्स ने बताया, “एसएनएफ2एच के बिना पर्याप्त अनुमस्तिष्कीय न्यूरॉन नहीं बनते और जो बनते हैं वे बाहरी संकेत नहीं स्वीकार करते हैं, ना प्रतिक्रिया करते हैं.”

उन्होंने बताया, “अनियोजित जीनों उत्तरोत्तर प्रदर्शन का परिणाम अनुमस्तिष्कीय गतिविभ्रम और पशुओं में असामयिक मृत्यु के रूप में दिखता है.”

ये निष्कर्ष शोधपत्र ‘नेचर कम्युनिकेशन’ में प्रकाशित हुए.

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