गिरौधपुरी में ध्वजारोहण समाज का अधिकार

रायपुर: मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा है कि बाबा घासीदास की जन्मस्थली और सतनामी समाज के धर्मस्थल गिरौधपुरी को लेकर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिये. उन्होंने कहा कि गिरौधपुरी में ध्वजारोहण समाज का अधिकार है. सैकड़ों साल से गुरुजन ही इसे करते आ रहे हैं. ध्वज फहराने का अधिकार गुरुओं का है और दुनिया की कोई सरकार इसे नहीं बदल सकती.

विधानसभा में आज प्रश्नकाल के बाद विधायक डॉ. हरिदास भारद्वाज ने सतनामी समाज की आशंकाओं को लेकर अपने विचार रखे. उन्होंने कहा कि गिरौधपुरी में 16 से 18 मार्च तक मेले का आयोजन किया गया है लेकिन कल राज्य के खाद्य मंत्री पुन्नूलाल मोहले और विधायक रामजी भारती ने भड़काऊ बातें कहीं, जिससे समाज में आक्रोश का वातावरण है.


श्री भारद्वाज ने कहा कि इस मामले में सरकार का बयान आना चाहिए. समाज का 4 प्रतिशत आरक्षण क्यों कम कर दिया गया ? और अब गिरौधपुरी मेले को लेकर क्यों राजनीति हो रही है?

कांग्रेस के विधायक डॉ. शिव डहरिया ने भी कहा कि सरकार सतनामी समाज का शोषण कर रही है. सरकार मेले में सांप्रदायिक सदभाव को बिगाडऩा चाहती है. सतनामी समाज की धार्मिक भावनाओं को भड़काया गया तो दंगा हो जाएगा.

उनके इस बयान पर विधानसभा अध्यक्ष ने आपत्ति दर्ज की कि आप जब चाहे खड़े हो जाते हो, भड़काऊ बातें कहते हो. अध्यक्ष के इतना कहने के बाद कांग्रेस के विधायक खड़े होकर शोर करने लगे. इसके बाद भाजपा विधायक भी शोर करने लगे. इसके बाद सदन में जब शोर न हीं थमा तो अध्यक्ष ने 10 मिनट के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी.

दुबारा जब सदन की कार्यवाही शुरु हुई तो पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने कहा कि पवित्र भूमि गिरौधपुरी में परंपरा है कि पंचमी, षष्ठी और सप्तमी को मेला लगता है. यहां लाखों श्रद्धालु जुटते हैं. दो-तीन दिनों से यह खबरें आ रही हैं कि अप्रत्याशित व अवांछित घटना हुई है. कुछ खास लोग मेले को नया स्वरूप देकर सम्मान समारोह करेंगे, जैतखंभ पर झंडा चढ़ाने का काम करेंगे. श्री जोगी ने मुख्यमंत्री रमन सिंह से यह स्पष्ट करने का आग्रह किया किया कि मेले की तारीख नहीं बदली जा रही. मेले में तय दिन में ही झंडा चढ़ाया जाएगा.

अजीत जोगी ने इस मामले में सरकार से श्वेतपत्र जारी करने की मांग करते हुये कहा कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो बड़ा विवाद खड़ा हो जाएगा और समाज सह नहीं पाएगा. सरकार सब स्पष्ट करे ताकि अफवाह दूर हो सके. श्वेत पत्र भी जारी किया जाए. जब तक सरकार बयान नहीं देगी शांत नहीं बैठेंगे.

इसके बाद राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने अपना बयान देते हुये कहा कि मेला नियत तिथि, स्थान और समय पर होता है इसमें कोई छेड़छाड़ नहीं कर सकता. रमन सिंह ने कहा कि गिरौधपुरी में ध्वजारोहण समाज का अधिकार है. सैकड़ों साल से गुरुजन ही इसे करते आ रहे हैं. मैं प्रदेशवासियों को बताना चाहूंगा कि यह ध्वज फहराने का अधिकार गुरुओं का है और दुनिया की कोई सरकार इसे नहीं बदल सकती. उन्होंने कहा कि मेले की तिथि में भी कोई परिवर्तन नहीं कर सकता.

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