शादी-त्यौहार के पहले सोने की किल्लत

नई दिल्ली | एजेंसी: इस बात की आशंका व्यक्त की जा रही है कि शादी, त्यौहार के पहले सोने की किल्लत हो सकती है. सरकार द्वारा सोने का आयात घटाने की नीति अपनाने और सीरिया पर पश्चिमी देशों के हमले की संभावना के कारण सोने की कीमत और बढ़ सकती है.

प्रति 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत बुधवार को 34,600 रुपये तक पहुंच गई थी, जो बाद में 33,000 रुपये पर स्थिर हुई.


ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वेलरी ट्रेड फेडरेशन के बोर्ड निदेशक हर्षद अजमेरा ने आईएएनएस से कहा, “सोने की मांग काफी अच्छी है. सोना भारतीय संस्कृति में रचा-बसा हुआ है. यदि आगामी त्योहारी और विवाह के मौसम में भी यही स्थिति बनी रही, तो सोने की काफी किल्लत हो जाएगी. सरकार इस उद्योग का आकार छोटा करना चाहती है.”

22 जुलाई के बाद से सोने का आयात नहीं हुआ है. इससे पहले सरकार ने चालू खाता घाटा कम करने के लिए जून में सोने पर आठ फीसदी आयात शुल्क लगा दिया था, जिसके अगस्त में बढ़ाकर 10 फीसदी कर दिया गया.

ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वेलरी ट्रेड फेडरेशन के पूर्व अध्यक्ष बच्चाराज बमलवा ने कहा, “हम सोने की किल्लत महसूस कर रहे हैं. हम अभी तक उसी सोने का उपयोग कर रहे हैं, जिसका आयात 22 जुलाई तक किया गया था.”

सोने के कारोबारी, सरकार की नीति पर सवाल उठाते हैं और कहते हैं कि इससे रुपये का अवमूल्यन नहीं रुक पाया है.

कुछ व्यापारी मानते हैं कि स्थिति 20 साल पहले वाली हो सकती है, जब सोने के मूल्य का निर्धारण करने का कोई भरोसेमंद पैमाना नहीं था. उन दिनों स्वर्ण नियंत्रण कानून 1962 के तहत सोने का आयात प्रतिबंधित था और बाजार पूरी तरह से तस्करी वाले सोने पर निर्भर था. यह कानून 1992 में समाप्त कर दिया गया और सोने के आयात का उदारीकरण कर दिया गया.

विश्व स्वर्ण परिषद के भारत के लिए प्रबंध निदेशक सोमासुंदरम पी.आर. ने कहा, “हमें विश्वास है कि सरकार सोने के आयात पर जल्द ही स्पष्टीकरण देगी. उस स्पष्टीकरण के बाद सोने का आयात चरणबद्ध तरीके से फिर से शुरू हो सकता है.”

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