खुले बाजार का संकट, सेंसेक्स लुढ़का

मुंबई | सीजीखबर व्यापार डेस्क: ग्रीस के आर्थिक संकट ने भारतीय सेयर बाजार को भी लपेटे में ले लिया है. ग्रीस द्वारा कर्ज न चुका पाने की आशंका से भारतीय शेयर बाजार लुढ़क गये. जाहिर है कि खुले बाजार के बाजारूपन ने दूसरे देशों को भी प्रभावित करना शुरु कर दिया है. नब्बे के दशक में जब खुले बाजार के पैरोकार इसकी तारीफ करते नहीं थक रहें रहें थे उस समय भी जानकारों ने आशंका व्यक्त की थी कि एक दिन यह संकटग्रस्त हो जायेगा. बहरहाल, इससे पहले के ‘कर्ज संकट’ के समय भारत कुछ हद तक अछूता रहा था. वर्तमान में भारत द्वारा विदेशों से निवेश को आकर्षित करने के लिये कई जतन किये जा रहें हैं. उससे ऐसा लगता है कि आने वाले समय में भारतीय अर्थव्यस्था निवेश पर और ज्यादा निर्भरशील होती जायेगी. उल्लेखनीय है कि दूसरों पर निर्भरशीलता का परिणाम कई बार घातक होता है खासकर, अर्थव्यवस्था के मामले में. ग्रीस कर्ज संकट के कारण देश के प्रमुख शेयर बाजारों में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारी गिरावट दर्ज की गई. प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 166.69 अंकों की गिरावट के साथ 27,645.15 पर और निफ्टी 62.70 अंकों की गिरावट के साथ 8,318.40 पर बंद हुआ. यह गिरावट ग्रीस के लिए एक महत्वपूर्ण समय सीमा से एक दिन पहले दर्ज की गई है, जब उसे अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष कर्ज के एक किस्त की वापसी करनी है. निवेशकों को साधारण तौर पर कर्ज वापसी की ग्रीस की क्षमता पर भरोसा नहीं है.

बंबई स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 360.77 अंकों की गिरावट के साथ 27,451.07 पर खुला और 166.69 अंकों या 0.60 फीसदी गिरावट के साथ 27,645.15 पर बंद हुआ. दिन भर के कारोबार में सेंसेक्स ने 27,695.32 के ऊपरी और 27,209.19 के निचले स्तर को छुआ.

सेंसेक्स के 30 में से मात्र छह शेयरों में तेजी दर्ज की गई. हिंदुस्तान यूनिलीवर 1.54 फीसदी, एनटीपीसी 0.80 फीसदी, आईटीसी 0.53 फीसदी, एलटी 0.44 फीसदी और बजाज ऑटो 0.41 फीसदी में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई.

सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे हिंडाल्को 3.55 फीसदी, एसबीआईएन 2.08 फीसदी, टाटा मोटर्स 2.07 फीसदी, सन फार्मा 2.03 फीसदी और मारुति 1.93 फीसदी.

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 134.05 अंकों की गिरावट के साथ 8,247.05 पर खुला और 62.70 अंकों या 0.75 फीसदी गिरावट के साथ 8,318.40 पर बंद हुआ. दिन भर के कारोबार में निफ्टी ने 8,329.45 के ऊपरी और 8,195.65 के निचले स्तर को छुआ.

कोटक सिक्योरिटीज के प्राइवेट क्लाइएंट ग्रुप रिसर्च के प्रमुख दीपेन शाह ने कहा, “ग्रीस मुद्दे के कारण यह गिरावट दर्ज की गई है. कर्जदाता ग्रीस को किस्त चुकाने के लिए और वक्त देंगे या 30 जून की समय सीमा जस-की-तस रहेगी इस बारे में भ्रम बरकरार है.”

ग्रीस सरकार ने कर्ज की अगली खेप पाने के लिए पेश की जा रही शर्तो को स्वीकार करने पर देश में पांच जुलाई को जनमत संग्रह कराने का फैसला किया है. पिछले कर्ज के एक हिस्से की वापसी हालांकि उससे पहले 30 जून को ही की जानी है, जिसमें संशय बना हुआ है. ग्रीस यदि कर्ज चुका पाने में असफल रहता है, तो उसे यूरोपीय संघ से बाहर भी होना पड़ सकता है.

ग्रीस ने चार जून को आईएमएफ को 30 करोड़ यूरो के कर्ज के एक किस्त को चुकाने की तिथि आगे बढ़ा दी थी.

बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट देखी गई. मिडकैप 145.98 अंकों की गिरावट के साथ 10,540.13 पर और स्मॉलकैप 165.93 अंकों की गिरावट के साथ 10,958.56 पर बंद हुआ.

बीएसई के 12 में से मात्र एक सेक्टर तेज खपत उपभोक्ता वस्तु 0.28 फीसदी में तेजी दर्ज की गई.

बीएसई के रियल्टी 2.23 फीसदी, सूचना प्रौद्योगिकी 1.70 फीसदी, प्रौद्योगिकी 1.40 फीसदी, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु 1.37 फीसदी और वाहन 1.37 फीसदी में सर्वाधिक गिरावट दर्ज की गई.

बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा. कुल 824 शेयरों में तेजी और 1,864 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 108 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ.

इसमें सबसे चिंता का विषय यह है कि ग्रीस का संकट हल होने के जल्द कोई आसार नहीं नहीं है. ऐसे में हमारे देश को अपनी अर्थव्यवस्था को वैश्विक संकट से बचाने के लिये नई राह अख्तियार करनी पड़ेगी. जिसमें निवेश पर आधारित अर्थव्यवस्था के बजाये देश में रोजगार के अवसर बढ़ाकर देशी बाजार को बढ़ाया जाये. इसी के साथ मोदी सरकार के “मेक इन इंडिया” पर भी गहन विचार करने की जरूरत है. यदि इसी तरह से विदेशी अर्थव्यवस्था संकटग्रस्त होती गई तो हमारे यहां उत्पादन करवाने कौन आयेगा?


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