धनकुबेर बढ़े

नई दिल्ली । एजेंसी: एक सर्वे के अनुसार देश में धन कुबेरों की संख्या में वृद्धि हुई है. जिसका अर्थ है कि देश में संपत्ति का केन्द्रीयकरण हो रहा है. आर्थिक नरमी के बावजूद अति धनाढ्य परिवार की संख्या अगले पांच साल में तिगुनी हो जाने का अनुमान है. एक रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2017-18 तक उनका नेटवर्थ वित्त वर्ष 2017-18 तक 4.5 गुना बढ़कर 380,000 अरब रपये हो जाएगा.

कोटक महिंद्रा प्रबंधन तथा क्रिसिल रिसर्च की तरफ से टॉप आफ पिरामिड शीर्षक से जारी रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय अति धनाढ़य परिवारों की संख्या 2012-13 में बढ़कर 1,00,900 हो गयी और अगले पांच साल में तिगुना बढ़कर 3,29,000 हो जाने का अनुमान है.

इसके अनुसार, अति धनाढ्य परिवार का नेटवर्थ वित्त वर्ष 2012-13 के 86000 अरब रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2017-18 में 4.5 गुना बढ़कर 380,000 अरब रुपये हो जाने का अनुमान है. रिपोर्ट में अति धनाढ्य परिवार के अंतर्गत वैसे परिवार को रखा गया है जिनके पास पिछले 10 साल में न्यूनतम औसत नेटवर्थ 25 करोड़ डॉलर एकत्रित हुआ है.

वैसे भी फोर्ब्स पत्रिका के अनुसार दुनिया के धन कुबेरों मे ज्यादा से ज्यादा भारतीय शामिल हो रहें हैं.

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