गुजरात बनेगा हिंदू राज्य ?

अहमदाबाद | संवाददाता: विहिप नेता प्रवीण तोगड़िया द्वारा गुजरात को हिंदू राज्य बनाने की घोषणा को लेकर एक बार फिर राजनीति शुरु हो गई है. विपक्षी दलों ने कहा है कि प्रवीण तोगड़िया अनावश्यक रुप से सांप्रदायिकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. गुजरात में पहले ही अल्पसंख्यक समुदाय संकट में है और तोगड़िया के इस तरह के बयान का प्रतिकूल असर पड़ेगा. दूसरी ओर राज्य के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी इस मामले में फिलहाल चुप्पी साधे हुये हैं.

गौरतलब है कि विश्व हिंदू परिषद के नेता प्रवीण तोगड़िया ने दावा किया था कि वे अगले दो साल में गुजरात को हिंदू राज्य बना देंगे. उन्होंने कहा था कि दो सालों में वीएचपी गुजरात के सभी 18 हजार गांवों में उपस्थिति दर्ज कराएगी और साल 2015 तक हम गुजरात को हिंदू राज्य घोषित कर देंगे. गुजरात में हिंदुओं की सुरक्षा और समृद्धि के लिए हिंदू अग्रसर नामक आंदोलन शुरू करने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में तोगड़िया ने कहा कि सुरक्षित रहने और समृद्ध बनने के लिए हिंदुओं को सही मायनों में सक्रिय हिंदू बनकर तैयार होना पड़ेगा.

राज्य के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के विधानसभा क्षेत्र में आयोजित इस कार्यक्रम में नरेंद्र मोदी की अनुपस्थिति को लेकर भी चर्चा होती रही. हालांकि विहिप और भाजपा के रिश्ते गुजरात में कभी-कभी विवादों वाले भी रहे हैं. ऐसे में एक बड़ा वर्ग मान कर चल रहा है कि नरेंद्र मोदी कहीं न कहीं उदार छवि बनाने की कोशिश में जुटे हुये हैं और वे नहीं चाहते कि पीएम पद की दावेदारी में उनकी कट्टरता सामने आये. यही कारण है कि हाल के दिनों में मोदी ने बयान दिया था कि राष्ट्र से बड़ा कोई धर्म नहीं है.

भारत में 13.5 प्रतिशत मुस्लिम आबादी की तुलना में गुजरात में मुसलमानों की जनसंख्या कुल आबादी का 9.1 प्रतिशत है और गुजरात के दंगों के बाद से दुनिया भर में नरेंद्र मोदी की बदनामी हुई है. गुजरात के दंगे नरेंद्र मोदी के विकास के तमाम दावों पर आज भी भारी हैं. ऐसे में सबकी नजरें इस बात पर लगी हुई हैं कि तोगड़िया के बयान को लेकर नरेंद्र मोदी क्या रुख अपनाते हैं.

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