हेडली को भारत से थी नफरत

मुंबई | समाचार डेस्क: हेडली को भारत से शुरु से नफरत थी इसलिये उसने मुंबई हमलें में साथ दिया था. इसका खुलासा हेडली ने वीडियो कांफ्रेसिंग के समय गुरुवार को किया. इतना ही नहीं डेविड ने शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे को मारने की भी योजना बनाई थी परन्तु उसमें सफल न हो सका. मुंबई में 26 नवंबर, 2008 को हुए आतंकवादी हमले के साजिशकर्ताओं में शामिल पाकिस्तानी मूल के अमरीकी आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली ने शुक्रवार को खुलासा किया कि वह दिसंबर 1971 से ही भारत तथा भारतीयों से नफरत करता था, जब भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान उसके स्कूल पर भारत की ओर से बम गिराया गया था और जिसमें कई लोगों की मौत हुई थी. हेडली ने विशेष न्यायाधीश जी.ए. सनाप की अदालत में शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये हो रही पूछताछ में बताया, “मुझे भारत तथा भारतीयों से सात दिसंबर, 1971 को ही नफरत हो गई थी, जब भारतीय विमानों ने मेरे स्कूल पर बमबारी की थी. इस हवाई हमले ने मेरे स्कूल को नष्ट कर दिया था. स्कूल में उस दौरान काम कर रहे कई लोग इस हमले में मारे गए थे.”

वह 26/11 मुंबई आतंकवादी हमलों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक जैबुद्दीन अंसारी उर्फ अबु जुंदाल के वकील अब्दुल वहाब खान के सवालों के जवाब दे रहा था.

हेडली के अनुसार, भारत ने भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान जब पाकिस्तानी स्कूल पर बमबारी की थी, उस वक्त उसकी उम्र केवल 10 साल थी. इस घटना ने उसके मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव डाला था. इसका बदला लेने के लिए ही उसने आगे चलकर आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ने का फैसला लिया था.

एक अन्य खुलासे में हेडली ने कहा कि उसने शिवसेना के लिए धन जुटाने के उद्देश्य से एक फंड रेजिंग प्रोग्राम आयोजित करने की भी कोशिश की, जिसके लिए वह इसके संस्थापक-संरक्षक दिवंगत बाल ठाकरे को अमरीका आमंत्रित करना चाहता था. हालांकि उसकी योजना वहां उन्हें मारने की नहीं थी.

हेडली ने हालांकि 12 फरवरी को दिवंगत ठाकरे को मारने की साजिश का खुलासा किया था और 24 मार्च को यह भी बताया कि उन पर हमला करने वाले एक शख्स को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन वह पुलिस की हिरासत से भागने में सफल रहा.

हेडली ने कहा कि वह दिवंगत ठाकरे की अमरीका यात्रा को लेकर शिवसेना के जन संपर्क पदाधिकारी राजाराम रेगे के संपर्क में था.

हालांकि हेडली की दिवंगत ठाकरे से कभी मुलाकात नहीं हुई और रेगे ने जब उसे बताया कि ठाकरे की अधिक उम्र व अस्वस्थता के कारण उनका अमेरिका जाना मुश्किल है तो वह शिवसेना के अन्य नेताओं को भी अमरीका आमंत्रित करने के लिए तैयार था.

अधिवक्ता खान हेडली से वीडियो-कांफ्रेंसिंग के जरिये पूछताछ कर रहे हैं. उससे अमरीका के किसी अज्ञात स्थान से पूछताछ की जा रही है, जहां उसे 26/11 के आतंकवादी हमले और डेनमार्क आतंकवादी हमले में 35 साल कैद की सजा सुनाई गई है.

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