छत्तीसगढ़ को मिला हाकी स्टेडियम

रायपुर | संवाददाता: सोमवार को राजनांदगांव में 22 करोड़ रुपये से बने हाकी मैदान का लोपार्पण किया गया. यह छत्तीसगढ़ का प्रथम अन्तर्राष्ट्रीय एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम है. इसका लोकार्पण राज्यपाल शेखर दत्त् तथा मुख्यमंक्त्री रमन सिंह ने किया.

यह स्टेडियम लगभग साढ़े नौ एकड़ के रकबे में निर्मित है. राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने लोकार्पण समारोह में विशेष रूप से उपस्थित अर्जुन पुरस्कार विजेता और पूर्व ओलंपिक हॉकी खिलाड़ी श्री अजीत पाल सिंह, भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान सुश्री सबा अंजुम तथा छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ अन्तर्राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी श्री विन्सेंट लकड़ा और श्री मृणाल चौबे सहित सभी राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों का स्वागत किया.


मुख्य अतिथि की आसंदी से समारोह को सम्बोधित करते हुए राज्यपाल शेखर दत्त ने कहा कि हॉकी हमारा राष्ट्रीय खेल है. आजादी के पहले अनेक विश्व स्तरीय हॉकी स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों ने देश को विजयी होने का गौरव दिलाया था. हमारी हॉकी टीमों ने उन दिनों अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश को अनेक स्वर्ण पदक दिलाकर दुनिया में भारत का नाम रौशन किया था. आज भी हमारी हॉकी टीमें पूरे आत्म विश्वास के साथ विभिन्न राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन कर रही हैं. उनके प्रदर्शन को देखकर लगता है कि भारत हॉकी में एक बार फिर दुनिया के शीर्ष पर पहुंचेगा.

उल्लेखनीय है कि जिला मुख्यालय राजनांदगांव के इस अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के इस हॉकी स्टेडियम में उत्तर-दक्षिण दिशा में 101 मीटर लम्बे और 70 मीटर चौड़े हरे रंग का एस्ट्रोटर्फ बिछाया गया है. एस्ट्रोटर्फ में छह स्प्रिंकलर लाइन भी बिछायी गयी है. प्रदेश के विश्व स्तरीय इस प्रथम हॉकी स्टेडियम को भारतीय हॉकी फेडरेशन से भी मान्यता मिल गयी है. छत्तीसगढ़ और पूरे भारत में राजनांदगांव हॉकी नर्सरी के नाम से पहचाना जाता है.

प्रथम चरण में एस्ट्रोटर्फ के पूर्वी हिस्से में लगभग तीन हजार दर्शकों की बैठक क्षमता वाली गैलरी का निर्माण किया गया है. इसके अलावा अन्तर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रथम चरण में मुख्य मैदान, पेवेलियन और आमंत्रित विशेष अतिथियों के लिए कक्षों का निर्माण किया जा चुका है.

स्टेडियम के पश्चिमी हिस्से में लगभग छह हजार दर्शकों की बैठक वाली दर्शक दीर्घा का निर्माण भी युद्ध स्तर पर पूर्णता की ओर है. दूसरे चरण में वहां नेटबाल, खो-खो और बास्केटबाल सहित कुछ अन्य खेलों के लिए भी बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाएगा. भारतीय हॉकी फेडरेशन से मान्यता मिलने के बाद अब छत्तीसगढ़ के इस अन्तर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में निकट भविष्य में अन्तर्राष्ट्रीय हॉकी स्पर्धाओं का भी आयोजन किया जा सकेगा.

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