अबीर, गुलाल और पिचकारियों से सजा बाजार

लखनऊ | एजेंसी: रंगों के त्योहार होली की आमद के साथ ही बाजार में इसका असर दिखने लगा है. अबीर, गुलाल और पिचकारी से दुकाने सजने लगी हैं, जो बच्चों को बेहद लुभा रही है.

त्योहार को देखते हुए घरों में बनने वाली गुझिया, पापड़ और अन्य पकवानों की सामग्री की खरीदारी के लिए बाजारों में भीड़ बढ़ने लगी है. हालांकि खरीदारी के लिए आ रही इस भीड़ पर महंगाई का असर साफ देखने को मिल रहा है. लोग खरीदारी तो कर रहे हैं, लेकिन उनकी खरीद काफी सीमित हो रही है.

शहर के गली-चौराहे से लेकर बड़े-बड़े बाजारों तक रंग और पिचकारी की दुकानें सज गई हैं. किराना की दुकानों पर अलग-अलग किस्मों के पापड़, नमकीन और गुझिया के सामान बिकने लगे हैं. वहीं बच्चों को लुभाने के लिए बाजार में 10 रुपये से लेकर हजार तक की पिचकारी उपलब्ध है. चाइना की प्रेशर पिचकारी, स्टेनगन, स्पाइडरमैन, मिसाइल, जोकर, पिस्टल, मछली आदि बच्चों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं, लेकिन इनकी महंगी कीमत गरीब लोगों पर भारी पड़ रही है.

सबसे ज्यादा खरीदारी फिल्म धूम-थ्री की पिचकारी की हो रही है. वहीं स्पाइडर मैन, सलमान खान का मुखौटा भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. इसी तरह 280 रुपये की कीमत की चाइना की चश्मा टैंक के साथ ही इंडियन वाटर गन भी मुकाबले में है. डबल सिलेंडर पिचकारी भी खूब धूम मचा रही है. वहीं 550 रुपये की चारों ओर से पानी फेंकने वाली वाटर गन भी लुभा रही है. इसी के साथ माउजर, डबल टैंक, तीन व सात धार वाली पिचकारी की भी खूब मांग है.

बाजार में 50 से लेकर 1200 रुपये तक की पिचकारियां उपलब्ध हैं. वहीं कई तरह की टोपियां भी खूब धूम मचा रही हैं. पिचकारियों के साथ-साथ रंगों का भी स्टॉल लोगों को लुभा रहा है. इस बार अबीर गुलाल में नए-नए रंग और खुशबू के साथ मिल रहे. वहीं प्राकृतिक ढंग से बनाए गए रंगों की मांग भी बढ़ गई है.

उधर, रेडीमेड कपड़ों और किराना की दुकानों पर भी भीड़ बढ़ने लगी है. बाजार में हर चीज पर महंगाई का असर तो दिख रहा है, लेकिन त्योहार से जुड़ी आस्था और परंपरा मंहगाई पर भारी दिख रही है. किराना की दुकानों पर अलग-अलग किस्मों के पापड़, नमकीन और गुझिया के सामान बिकने लगे हैं.

किराना व्यापारी पिंकी जैन ने बताया कि इस बार होली पर मैदा, बेसन, शक्कर, चावल, सूजी, मेवा आदि की बिक्री कम हो रही है, जबकि तैयार खाद्य सामग्री जैसे- पापड़, चिप्स, घी, तेल मसाला आदि की बिक्री अधिक हो रही है. लेकिन मंहगाई के चलते सामग्री खरीदने की मात्रा में कमी आई है.

खरीदारी कर रहे समीर सिन्हा ने बताया कि मंहगाई के करण घर के सभी लोगों के लिए कपड़े लेना तो मुमकिन नहीं है, लेकिन बच्चों का दिल तो रखना ही है. इसलिए इस बार घर में केवल बच्चों के लिए ही खरीदारी हो रही है.

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