समलैंगिकता से ‘अलीगढ़’ बना प्रासंगिक

मुंबई | मनोरंजन डेस्क: करण जौहर की फिल्म ‘अलीगढ़’ की कहानी समलैंगिकता ने इसे प्रासंगिक बना दिया है. जिस समलैंगिकता के बारें में लोग खुलेआम बात करने से कतराते हैं करण ने उस फिल्म बनाकर साहस का परिचय दिया है. करण को उम्मीद है कि दर्शक घर जाकर भी इस फिल्म के बारें में सोचेंगे. यह फिल्म एक सत्य घटना पर आधारित है तथा सीक से हटकर है. फिल्म निर्देशक करण जौहर ने हंसल मेहता की फिल्म ‘अलीगढ़’ के बारे में कहा कि इस फिल्म के प्रत्येक किरदार ने मुझे भावनात्मक रूप से प्रभावित किया है.

करण ने बुधवार को फिल्म की स्क्रीनिंग के बाद कहा, “मैं इस फिल्म के हर किरदार से जुड़ सकता हूं. इसका मतलब है कि कलाकारों ने फिल्म में कुशलतापूर्वक प्रस्तुति दी गई है.”

यह प्रोफेसर श्रीनिवास रामचंद्र की सच्ची घटना पर आधारित है, जिन्हें लैंगिक रुझान के कारण निलंबित कर दिया गया था. फिल्म में मनोज और राजकुमार राव प्रमुख भूमिका में हैं.

करण ने कहा, “मैं फिल्म से भावनात्मक रूप से प्रभावित हुआ हूं. इसमें न सिर्फ मनोज बाजपेयी और राजकुमार राव ने उत्कृष्ट प्रस्तुति दी बल्कि हंसल मेहता ने खूबसूरत फिल्म का निर्माण किया है.”

उन्होंने कहा, “यह निर्माता और निर्देशक की जिम्मेदारी है कि वह फिल्म से दर्शकों को न केवल भावनात्मक रूप से जोड़े, बल्कि वह घर जाकर भी फिल्म के बारे में सोचे. फिल्म को सभी के समर्थन की जरूरत है. मुझे उम्मीद है कि इस फिल्म से ज्यादातर लोग प्रभावित होंगे इसलिए यह फिल्म देखना जरूरी है.”

करण ने बुधवार को ट्विटर पर लिखा, “‘अलीगढ़’ बेहद मार्मिक फिल्म है. यह हमारे दौर की बेहद प्रासंगिक और महत्वपूर्ण फिल्म है.”

करण ने दोनों के काम की तारीफ करते हुए ट्विटर पर लिखा, “हंसल मेहता और अपूर्व असरानी ने बेहद विलक्षणता से कहानी बयां की है. मनोज बाजपेयी और राजकुमार राव ने बेहद उत्कृष्ट अभिनय किया है.”

हंसल मेहता के निर्देशन में बनी यह फिल्म 26 फरवरी को रिलीज होगी.

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