माओवाद को विकास से खत्म करेंगे

रायपुर | संवाददाता: रमन सिंह ने कहा है कि सेना से माओवाद को खत्म नहीं किया जायेगा. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा कि नक्सलवाद की समस्या को सेना नहीं, विकास के दम पर खत्म किया जाएगा. मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि बस्तर के लोग अब विकास चाहते हैं. वे अब सड़क, स्कूल और संचार नेटवर्क की मांग करते हैं. उन्हें समझ में आ चुका है कि इन विकास कार्यों को कौन रोक रहा है. बस्तर के लोग भी अब विकास की मुख्यधारा से जुड़ना चाहते हैं. सरकार और प्रशासन वहां की जनता का विश्वास जीत रहे हैं.

सर्किट हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि पिछले बारह वर्षों में राज्य के विकास की जो मजबूत अधोसंरचना तैयार हुई है, उसी आधार पर छत्तीसगढ़ के विकास को आगे ले जाया जाएगा. छत्तीसगढ़ को कभी पलायन करने वाला पिछड़ा राज्य कहा जाता था, लेकिन आज इसकी तुलना विकसित राज्यों से की जाती है.

उन्होंने कहा कि राज्य में विद्युत उत्पादन क्षमता चार हजार मेगावॉट तक हो गई है. प्रति व्यक्ति विद्युत खपत 670 यूनिट से बढ़कर 1560 हो गई है,जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर है. हम विश्वस्तरीय अधोसंरचना के साथ नया रायपुर बसा रहे हैं. सड़क, रेल और औद्योगिक क्षेत्र में नवीन प्रणाली विकसित कर रहे हैं. पिछले बारह वर्षों में 16 किलोमीटर रेलवे लाइन का विस्तार हुआ था, लेकिन आने वाले तीन वर्षों में हम 540 किलोमीटर नई रेल लाइन का विस्तार पीपीपी मॉडल पर कर रहे हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि आईआईएम, ट्रिपल आईटी, एम्स, पांच नये मेडिकल कॉलेज, बस्तर और सरगुजा अंचल में नए विश्वविद्यालय आदि की स्थापना कर हम उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है.

रमन सिंह ने कहा कि शुरूआती दौर में शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर, खाद्यान सुरक्षा और कुपोषण हमारी सबसे बड़ी चुनौती थी, लेकिन मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है, कि इन सभी सूचकांकों में हमने बेहतर प्रदर्शन किया है. सबसे पहले हमने सार्वजनिक वितरण प्रणाली की खामियों को दूर किया और प्रदेश के 60 हजार परिवारों के लिए राशन की व्यवस्था की. इसे हमने ना केवल लोगों के भूख से जोड़ा बल्कि इसके माध्यम से हमने पोषण सुरक्षा भी प्रदान की.

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ देश में पहला राज्य है, जिसने खाद्य सुरक्षा के साथ लोगों को पोषण सुरक्षा का अधिनियम लागू किया. आज 60 हजार परिवारों में 60 लोगों की भी शिकायत पीडीएस के संबंध में नहीं आती. इसलिए मैं यह कह सकता हूं कि छत्तीसगढ़ की सार्वजनिक वितरण प्रणाली देश में सबसे अच्छी है.

मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं के प्रश्नों का भी जवाब दिया. उन्होंने कहा कि महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं को लेपटाप और टेबलेट वितरण की योजना बंद नहीं की गई है. चुनावी वर्ष के कारण जरूर एक वर्ष इसका क्रियान्वयन नहीं हो सका, लेकिन अब तक 60 हजार युवाओं को इसका वितरण किया जा चुका है और आगे भी यह योजना जारी रहेगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम डिजिटल छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ रहे हैं. इसके अन्तर्गत हम प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों को इंटरनेट से जोड़ रहे हैं. आने वाले तीन वर्षों में राज्य के महाविद्यालयों और छात्रावासों को भी वाई-फाई से जोड़ा जाएगा.

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