भारत-चीन सीमा पर शांति बहाल

नई दिल्ली | एजेंसी: लद्दाख की सीमा पर जमी चीनी सेना मंगलवार को वापस लौट गई. आखिरकार भारत के प्रधानमंत्री मोदी तथा चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई शिखर वार्ता का फल सामने आने लगा है. गौरतलब है कि अपनी भारत यात्रा से वापस जाते ही चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने चीन की लाल सेना के कमांडरों की बैठक में कड़ा रुख अपनाया था. उस बैठक में शी जिनपिंग ने चीन की सेना के कमांडरों को स्पष्ट कर दिया था कि राजनैतिक नेतृत्व के द्वारा लिये गये फैसले को सेना को मानना पड़ेगा.

मंगलवार को भारत और चीन के बीच सीमा पर उत्पन्न तनाव दोनों सेनाओं के अपने पूर्व स्थान पर लौटने के साथ खत्म हो गया. भारत-चीन ने सीमा के मामले पर संयुक्त कार्यतंत्र की बैठक 16-17 अक्टूबर को करने का फैसला लिया है. विदेश मंत्रालय से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि भारत और चीन के सीमा कमांडरों की मंगलवार को हुई मुलाकात इस बात की पुष्टि है कि लद्दाख के चुमार और डेमचोक इलाके में चीनी सैनिकों की घुसपैठ से उत्पन्न गतिरोध का ‘सफलतापूर्वक समाधान’ हो गया है.


विदेश मंत्रालय से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि दोनों पक्षों ने असहमति और चुमार एवं डेमचोक में 1 सितंबर 2014 की स्थिति बहाल करने के लिए सेनाओं की फिर से तैनाती की समीक्षा 26-27 सितंबर को की. उल्लेखनीय है कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को भारत के प्रधानमंत्री मोदी ने आगाह किया था कि चीन की सेना सीमा पर घुसपैठ कर रहीं हैं. जाहिर है कि अपने इस कदम से चीन, भारत के साथ संबंधों को बढ़ाने पर जोर दे रहा है.

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