हमने देखी है फांसी

रायपुर | संवाददाता: यह फांसी की पहली आंखों देखी रिपोर्टिंग थी. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सेंट्रल जेल में 25 अक्टूबर 1978 को बैजू ऊर्फ रामभरोसा को फांसी दी गई थी. इस फांसी की आंखों देखी रिपोर्टिंग की थी पत्रकार सुनील कुमार ने. हिंदी पत्रकारिता के इतिहास में किसी फांसी की यह पहली आंखों देखी रिपोर्टिंग है.

इन दिनों रायपुर से प्रकाशित शाम के अखबार ‘छत्तीसगढ़’ का संपादन करने वाले सुनील कुमार से कुछ समय पहले आलोक पुतुल ने फांसी की उस रिपोर्टिंग पर लंबी बातचीत की थी. यहां इस बातचीत को आप सुन सकते हैं.

One thought on “हमने देखी है फांसी

  • July 31, 2015 at 19:39
    Permalink

    जितना रोमांचकारी रिपोर्टिंग सुनील कुमार सर के लिए थी, उतना ही रोमांच का अनुभव शायद सर आप सुनील सर बातचीत करते हुए किए होंगे…उतना ही रोमांच का अनुभव मैंने इस बातचीत को सुनकर किया…मैं इस बातचीत को सुनकर अब किसी को फांसी कैसे दी जाती है , होता क्या है ये इस बातचीत के आधार पर लोगों को बता सकता हूँ….इस बातचीत फांसी के बारे में जानने वाले हर किसी को सुनना चाहिए….

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *