जीडीपी: विकास की वापसी का संकेत

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: देश के प्रथम तिमाही के जीडीपी से विकास की वापसी के संकेत मिल रहें हैं. गौरतलब है कि 2014 के अप्रैल-जून में देश का सकल घरेलू उत्पादन 5.7फीसदी दर्ज किया गया है जो पिछली नौ तिमाहियों में सर्वाधिक है. मोदी सरकार के लिये यह आकड़ा राहत भरा है. उल्लेखनीय है कि सकल घरेलू उत्पादन के आकड़े से किसी देश के आर्थिक विकास की झलक मिलती है.

यह जानकारी शुक्रवार को जारी केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय के आंकड़ों से मिली. सकल घरेलू उत्पाद विकास दर या आर्थिक विकास दर गत कारोबारी साल की चौथी तिमाही में 4.6 फीसदी रही थी. गत कारोबारी साल की प्रथम तिमाही में यह दर 4.7 फीसदी थी.


अप्रैल-जून में दर्ज 5.7 फीसदी विकास दर अक्टूबर-दिसंबर 2011-12 में दर्ज छह फीसदी दर के बाद सर्वाधिक है.

विनिर्माण क्षेत्र में तेजी और और खनन तथा निर्माण क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन से प्रथम तिमाही में विकास दर उम्मीद से बेहतर रही.

आलोच्य तिमाही में कृषि विकास दर 3.8 फीसदी रही, जो एक साल पहले समान अवधि में चार फीसदी थी.

बिजली उत्पादन वृद्धि दर 10.2 फीसदी रही, जो एक साल पहले समान अवधि में 3.8 फीसदी थी.

निर्माण क्षेत्र में विकास दर 4.8 फीसदी रही, जो एक साल पहले 1.1 फीसदी थी. मोदी सरकार के सामने इस जीडीपी के बढ़ते हुए विकास दर को बनाये रखने की चुनौती है.

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