भारत-नेपाल संबंध मजबूत होंगे

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: नेपाल के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा से दोनों देशों के बीच संबंध मजबूत होंगे. प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाल में शांति, स्थिरता व समृद्धि पर जोर देते हुए शनिवार को कहा कि ‘नेपाल की स्थिरता भारत की सुरक्षा से जुड़ी है,’ वहीं नेपाल के प्रधानमंत्री के.पी.शर्मा ओली ने मोदी के सुर में सुर मिलाते हुए गलतफहमियां खत्म कर दोनों देशों के बीच संबंधों को पूर्ववत करने की इच्छा जताई. भारत के छह दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को यहां पहुंचे नेपाली प्रधानमंत्री के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में मोदी ने ओली से कहा, “मैं और पूरा भारत नेपाल के आर्थिक विकास के पक्ष में है. मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूं कि आपके सक्षम नेतृत्व में भारत-नेपाल संबंध और मजबूत होंगे तथा नई ऊंचाइयां छुएंगे.”

मोदी ने कहा, “यह बात स्पष्ट है कि नेपाल की स्थिरता भारत की सुरक्षा से जुड़ी है. प्रधानमंत्री ओली और मैं इस बात से सहमत हैं कि दोनों देशों में बढ़ते अतिवाद से हम दोनों को मिलकर निपटने की जरूरत है.”


मोदी ने कहा, “हम दोनों देशों के बीच खुली सीमाओं का इस्तेमाल आतंकवादियों व अपराधियों को करने की मंजूरी नहीं देंगे. इस संदर्भ में दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां आपस में सहयोग करेंगी.”

उन्होंने यह भी कहा कि नेपाल में शांति व स्थिरता दोनों देशों के लिए परस्पर फायदेमंद है.

ओली ने समर्थन के लिए भारत का धन्यवाद करते हुए कहा कि वह हाल ही में पैदा हुई गलतफहमियां दूर करने भारत आए हैं.

ओली ने कहा, “मेरे दौरे का मुख्य मिशन पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों के बीच पैदा हुई गलतफहमियां दूर करना है और अपने संबंधों को फिर उसी स्तर तक ले जाना है, जब मोदी अगस्त 2014 में नेपाल दौरे पर आए थे.”

भारत द्वारा नेपाल को सभी क्षेत्रों में विकास कार्यो में समर्थन के लिए उन्होंने भारत का धन्यवाद दिया. उन्होंने बीते साल अप्रैल में नेपाल में आए भूकंप के बाद सहायता के लिए भारत का शुक्रिया अदा किया.

उन्होंने कहा, “भारत के हमारे मित्रों द्वारा समर्थन व एकजुटता ने नेपाली लोगों का ध्यान आकर्षित किया है. हमारे पुनर्निर्माण के अभियान में भारत के समर्थन के लिए हम उसका आभार जताते हैं.”

मोदी ने कहा कि दोनों देशों ने सीमा पर दो अतिरिक्त पारगमन बिंदु खोलने का फैसला किया है, जो संपर्क को बढ़ाने के साथ ही क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा देगा.

बिहार के मुजफ्फरपुर तथा नेपाल के धालकेबार के बीच बिजली पारेषण लाइन का यहां वीडियो-कांफ्रेंसिंग के जरिए मोदी व ओली ने संयुक्त तौर पर उद्घाटन किया.

मोदी ने कहा, “हम संयुक्त तौर पर 7,000 मेगावाट क्षमता की पनबिजली परियोजना पर काम कर रहे हैं और इस परियोजना के जल्द पूरा होने से नेपाल की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा.” उन्होंने कहा कि इस परियोजना से नेपाल को फिलहाल 80 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा, लेकिन अगले दो वर्षो में यह 600 मेगावाट बिजली का उत्पादन करेगा.

प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत व नेपाल के संबंधों के लिए व्यापार व निवेश मजबूत स्तंभ हैं. उन्हें और मजबूत किया जाना चाहिए.”

दिन में बाद में संवाददाताओं से विदेश सचिव एस.जयशंकर ने कहा कि ओली ने मोदी को नेपाल द्वारा संविधान अंगीकार करने के बाद हुए विकास से अवगत कराया.

उन्होंने कहा, “हमारे प्रधानमंत्री ने नेपाल में संवैधानिक लोकतंत्र के समेकन की दिशा में हुई प्रगति की प्रशंसा की. नेपाल सरकार द्वारा पारित दो संविधान संशोधनों को एक सकारात्मक कदम के तौर पर देखा गया है.”

ओली का राष्ट्रपति भवन में शनिवार सुबह औपचारिक स्वागत किया गया, जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया.

विदेशमंत्री सुषमा स्वराज, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह व केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने ओली से मुलाकात की. ओली ने बाद में उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की.

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