विराट पारी से भारत फाइनल में

ढाका | एजेंसी: प्रतिभाशाली युवा बल्लेबाज़ विराट कोहली (नाबाद 72) समेत बाकी बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारत ने शेर-ए-बांग्ला स्टेडिमय में खेले गए दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को छह विकेट से हराकर ट्वेंटी-20 विश्व कप के फाइनल में जगह बना ली है.

रविवार को इसी मैदान पर खिताबी मुकाबले में भारत तीन बार के उपविजेता श्रीलंका से भिड़ेगा. श्रीलंका ने गुरुवार को वेस्टइंडीज को 27 रनों से हराकर फाइनल में जगह बनाई. मुकाबले का फैसला डकवर्थ-लेविस नियम के आधार पर हुआ था. भारत ने 2007 में पहली बार फाइनल खेल कर खिताब जीता था.

दक्षिण अफ्रीका ने कप्तान फॉफ दू प्लेसिस (58) और ज्यां पॉल ड्यूमिनी (नाबाद 45) की उम्दा पारियों की मदद से भारत के सामने 173 रनों की चुनौती रखी थी, जिसे उसने 19.1 ओवरों में चार विकेट खोकर हासिल कर लिया.

मैन ऑफ द मैच चुने गए कोहली ने अपनी 44 गेंदों की संयमभरी लेकिन आक्रामक नाबाद पारी में पांच चौके और दो छक्के लगाए. रोहित शर्मा ने भी 13 गेंदों पर चार चौकों और एक छक्के की मदद से 24 रनों की उम्दा पारी खेली लेकिन मैच का रुख भारत के पक्ष में करने का श्रेय अजिंक्य रहाणे (32) और कोहली को जाता है.

कोहली और 30 गेंदों पर दो चौके और एक उम्दा छक्का लगाने वाले रहाणे ने 39 के कुल योग पर रोहित का विकेट गिरने के बाद स्कोर को 77 रनों तक पहुंचाया और रन रेट कम नहीं होने दिया. इन दोनों ने दूसरे विकेट के लिए मुश्किल वक्त में 38 रन जोड़े.

रहाणे के आउट होने के बाद युवराज सिंह (18) और कोहली ने अपनी टीम को 100 के पार पहुंचाया. इन दोनों ने भारत के लिए इस मैच की सबसे बड़ी साझेदारी की. दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 39 गेंदों पर 56 रन जोड़े. युवराज 133 रनों के कुल योग पर 17 गेंदों पर दो चौके लगाकर आउट हुए लेकिन कोहली का बल्ला चलता रहा.

कोहली ने युवराज के जाने के बाद अपना साथ देने आए सुरेश रैना (21) के साथ चौथे विकेट के लिए 15 गेंदों पर 34 रनों का साझेदारी करते हुए भारत की जीत पक्की कर दी.

रैना ने 10 गेंदों की पारी में तीन चौके और एक छक्का लगाया. उनका विकेट 167 के कुल योग पर गिरा. इसके बाद कोहली ने हेंडरिक्स की चौथी गेंद पर चौका और पांचवीं गेंद पर एक रन लेकर स्कोर बराबर कर दिया.

अंतिम गेंद पर कप्तान महेंद्र सिंह धौनी (नाबाद 0) एक भी रन नहीं ले सके लेकिन कोहली ने डेल स्टेन द्वारा फेंके गए 20वें ओवर की पहली गेंद पर चौका लगाकर अपनी टीम को दूसरी बार फाइनल में पहुंचाने का काम किया.

इससे पहले, टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में चार विकेट पर 172 रन बनाए. प्लेसिस ने 41 गेंदों की पारी में पांच चौके और दो छक्के लगाए. इसके अलावा हाशिम अमला ने 16 गेंदों पर चार चौके जड़े.

ड्यूमिनी ने 40 गेंदों पर तीन छक्के और एक चौका लगाया. डेविड मिलर 12 गेंदों पर दो चौके और एक छक्के की मदद से 23 रन बनाकर नाबाद लौटे.

दक्षिण अफ्रीका की शुरूआत अच्छी नहीं रही. उसने नौ रन के कुल योग पर क्विंटन डी कॉक (6) का विकेट गंवा दिया. यह विकेट भुवनेश्वर कुमार ने लिया. इसके बाद अमला और प्लेसिस ने दूसरे विकेट के लिए 35 रनों की साझेदारी की.

अमला 44 के कुल योग पर रविचंद्रन अश्विन की एक बेहतरीन कैरम बॉल पर बोल्ड हुए. यह एक ऐसी गेंद थी, जिसकी चर्चा सालों तक होगी.

अमला का आउट होना दक्षिण अफ्रीका को कुछ ही समय तक खला क्योंकि उनका स्थान लेने आए ड्यूमिनी ने आते ही अपने तेवर दिखाए और तेजी से रन बटोरे.

ड्यू्मिनी और प्लेसिस ने स्कोर को 13.5 ओवरों में 100 के पार पहुंचा दिया. 115 के कुल योग पर प्लेसिस को अश्विन ने बोल्ड कर दिया. उनका स्थान लेने आए अब्राहम डिविलियर्स (10) को अश्विन ने अधिक देर तक नहीं टिकने दिया.

डिविलियर्स का विकेट 129 के कुल योग पर गिरा. अब ड्यूमिनी का साथ देने डेविड मिलर आए. इन दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 27 गेंदों पर 43 रनों की साझेदारी निभाई.

भारत की ओर से अश्विन ने चार ओवरों में 22 रन खर्च करते हुए तीन विकेट लिए. कुमार को एक विकेट मिला लेकिन ग्रुप स्तर के हीरो रहे अमित मिश्रा ने तीन ओवरों में 36 रन लुटा दिए. मोहित शर्मा ने भी तीन ओवर में 34 रन दिए.

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