ओलंपिक्स में भारत की वापसी

नई दिल्ली | एजेंसी: अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने मंगलवार को भारतीय ओलम्पिक संघ (आईओए) पर लागू 14 महीने पुराना प्रतिबंध हटा लिया और इसके साथ ही भारत ने अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक में वापसी कर ली. आईओसी ने यह कदम तब उठाया है, जब भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने यहां दो दिन पूर्व स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के जरिए एक नया संगठन निर्वाचित कर लिया.

आईओए ने दागी अधिकारियों को चुनाव से दूर रखा, और उसके बाद सोची में एक अस्थायी बैठक के दौरान आईओसी के कार्यकारी बोर्ड (ईबी) ने आईओए को बहाल कर दिया.

आईओए के नवनिर्वाचित अध्यक्ष एन. रामचंद्रन ने चेन्नई से फोन पर कहा, “आईओसी द्वारा आईओए पर से प्रतिबंध हटाए जाने से मैं बेहद प्रसन्न हूं. अब हमें आईओए को साफ-सुथरा रखने के लिए मिलकर काम करना होगा.”

केंद्रीय खेल मंत्री जीतेंद्र सिंह ने भी आईओसी द्वारा आईओए पर लगा प्रतिबंध हटाए जाने तथा भारत की अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक में वापसी पर आईओए को बधाई दी और देश के खिलाड़ियों के तिरंगे तले खेल सकने पर अपनी खुशी जाहिर की.

रॉबिन मिशेल की अध्यक्षता वाली आईओसी के तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने आईओए की रविवार को हुई आम सभा की बैठक का निरीक्षण किया, तथा सोची में हुई आईओसी के कार्यकारी बोर्ड की अस्थायी बैठक में अपनी रिपोर्ट सौंपी जिसके आधार पर आईओसी ने आईओए का प्रतिबंध हटाने का फैसला किया.

आईओसी के निरीक्षक दल ने आईओसी के कार्यकारी बोर्ड को बताया कि आईओए के चुनाव हाल ही में राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (एनओसी) द्वारा पारित संविधान के अनुसार कराए गए, जो आईओसी के मानकों के अनुरूप हैं.

ओलम्पिक इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी एनओसी पर लगा प्रतिबंध ओलम्पिक खेलों के दौरान हटाया गया हो, तथा निर्णय को तात्कालिक तौर पर लागू कर दिया गया हो.

आईओसी के इस फैसले के तहत सोची शीतकालीन ओलम्पिक-2014 में हिस्सा लेने पहुंचे तीनों भारतीय खिलाड़ी अब तिरंगे के तले आगे की स्पर्धाओं में हिस्सा ले सकेंगे.

तीनों भारतीय खिलाड़ियों ने सोची ओलम्पिक के उद्घाटन समारोह में ओलम्पिक के बैनर तले हिस्सा लिया तथा स्पर्धाओं में वे स्वतंत्र ओलम्पिक प्रतिभागी के तौर पर हिस्सा ले रहे हैं. अब आईओसी द्वारा आईओए पर लगा प्रतिबंध हटाए जाने के बाद न सिर्फ वे तिरंगे के तले आगे की स्पर्धाओं में हिस्सा लेंगे, बल्कि खेल गांव में भी भारतीय ध्वज लगाया जाएगा.

खेल मंत्री ने यहां भारतीय खेल प्राधिकरण के मुख्यालय में पत्रकारों से कहा, “देश के लिए यह एक महान क्षण है..एक भारतीय होने के नाते मैं बहुत ही खुश तथा रोमांचित हूं. सरकार आईओए, आईओसी, तथा भारत की ओलम्पिक में वापसी कराने में शामिल खिलाड़ियों तथा देशवासियों को बधाई देती है. मुझे इस बात की बेहद खुशी है कि अब हमारे खिलाड़ी तिरंगे के तले प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकेंगे.”

आईओए ने बीते रविवार को आईओसी के दिशा-निर्देशों के अनुसार, अपने संविधान में संशोधन कर नए सिरे से चुनाव कराए, तथा इस चुनाव में कोई भी आरोपित या दागी व्यक्ति नहीं खड़ा किया गया.

आईओए ने नए चुनाव के जरिए रविवार को विश्व स्क्वॉश महासंघ के अध्यक्ष नारायण रामचंद्रन को अध्यक्ष, भारतीय खो-खो महासंघ के अध्यक्ष राजीव मेहता को महासचिव और अखिल भारतीय टेनिस संघ के अध्यक्ष अनिल खन्ना को कोषाध्यक्ष चुन लिया.

आईओसी ने आईओए चुनाव के दौरान ओलम्पिक चार्टर का पालन न करने एवं इसके संविधान को लागू करने के कारण आईओए को दिसंबर, 2012 में निलंबित कर दिया था.

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