नेपाल की सबसे बड़ी निवेशक हैं भारतीय कंपनियां

काठमांडू | एजेंसी: नेपाल में विनिर्माण से लेकर पर्यटन क्षेत्र में कारोबार कर रहीं करीब 525 भारतीय कंपनियों ने 58,161 नौकरियों का सृजन किया है और सरकारी आंकड़ों के मुताबिक भारत नेपाल के लिए विदेशी निवेश का सबसे बड़ा स्रोत है. नेपाल के उद्योग विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 2013 के मध्य तक 525 भारतीय कंपनियों की कुल परियोजना लागत 6,661.28 करोड़ रुपये है, जिनमें से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का हिस्सा 3,480.95 करोड़ रुपये का है.

भारतीय दूतावास के मुताबिक भी भारतीय कंपनियां नेपाल में सबसे बड़ी निवेशक हैं. कुल मंजूर किए गए एफडीआई प्रस्तावों में उनकी हिस्सेदारी 47.5 फीसदी है.

आंकड़ों के मुताबिक भारतीय कंपनियों ने दशकों पहले नेपाल में निवेश शुरू कर दिया था और 2013 के मध्य तक नेपाल में 303 विनिर्माण, 125 सेवा, 54 पर्यटन, सात कृषि आधारित कारोबार, 17 निर्माण, 13 बिजली और छह खनिज से संबंधित भारतीय कंपनियां पहुंच चुकी हैं.

नेपाल में दूसरा सबसे बड़ा निवेशक देश चीन है, जहां की 478 कंपनियों ने देश में 26,651 नौकरियां पैदा की हैं.
2012-13 में ही 24 नई भारतीय कंपनियों ने नेपाल में कारोबार शुरू किया. इनसे 1,754 नौकरियां पैदा हुईं.

नेपाल के उद्योग विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि हाल ही में संविधान सभा के चुनाव के बाद नेपाल में बने नए राजनीतिक वातावरण और राजनीतिक स्थिरता की बढ़ी आशा के बीच भारत से और अधिक निवेश आने की उम्मीद है.

आईटीसी, डाबर, हिंदुस्तान यूनिलीवर, वीएसएनएल, टीसीआईएल, एमटीएनएल, भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय जीवन बीमा निगम, एशियन पेंट्स, टाटा प्रोजेक्ट्स और जीएमआर इंफ्रा नेपाल में निवेश करने वाली कुछ प्रमुख भारतीय कंपनियां हैं.

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