पाक को पछताना पड़ेगा: जेटली

नई दिल्ली | एजेंसी: रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने चेताया है कि पाकिस्तान को पछताना पड़ेगा. जम्मू-कश्मीर के सीमा पर पाकिस्तान द्वारा किया जा रहे गोलीबारी-गोलाबारी पर रक्षा मंत्री अरुण जेटली संवाददाताओं से बात कर रहें थे. उन्होंने गुरुवार को पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा है कि जम्मू एवं कश्मीर स्थित अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर गोलीबारी की पाकिस्तान को महंगी कीमत चुकानी पड़ेगी. मंत्री ने मीडिया से कहा, “अगर पाकिस्तान इस तरह की हरकत पर कायम रखता है, तो इसकी उसे महंगी कीमत चुकानी पड़ेगी.”

उन्होंने कहा, “पिछले कुछ दिनों में, श्रृंखलाबद्ध रूप से पाकिस्तान द्वारा अकारण ही युद्ध विराम का उल्लंघन किया गया है.


अधिकांश घटनाएं अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर हुईं है और कुछ नियंत्रण रेखा पर भी हुई हैं. अंतर्राष्ट्रीय सीमा कभी भी मुद्दा नहीं रही है और संघर्ष विराम उल्लंघन की ये सभी घटनाएं अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर हो रही हैं.

मंत्री ने कहा कि भारत एक जिम्मेदार देश है. यह कभी भी आक्रामक नहीं रहा है, लेकिन इसके साथ-साथ अपने लोगों और अपने क्षेत्र की सुरक्षा करना इसका प्रमुख कर्तव्य है.

जेटली ने कहा, “हमारे सशस्त्र बल खासतौर पर सेना और सीमा सुरक्षा बलों के पास इस मामले में सिर्फ एक विकल्प है कि वह अपने क्षेत्र और अपने लोगों की सुरक्षा के लिए इसका समुचित जवाब दें.”

“हमारे सैन्य बल पाकिस्तान के द्वारा की जा रही इस अकारण आक्रामक कार्रवाई का सामना करने में प्रशंसनीय कार्य कर रहे हैं. इन हमलों के मामले में पाकिस्तान की भूमिका स्पष्ट रूप से आक्रामक रही है. लेकिन यह मानना चाहिए कि हमारा निवारण विश्वसनीय होगा.”

उन्होंने कहा, “यदि पाकिस्तान अपनी आक्रामक कार्रवाई जारी रखता है, तो हमारे सैन्य बल इस कार्रवाई का समुचित जवाब देंगे.”

पाकिस्तान की ओर से छह अक्टूबर से शुरू हुई गोलीबारी में अब तक सात नागरिकों की मौत हो चुकी है, जबकि 60 अन्य घायल हुए हैं. इनमें बुधवार रात पाकिस्तान की ओर से हुई गोलीबारी में घायल होने वाले पांच नागरिक भी शामिल हैं.

जेटली ने कहा कि हाल के हमलों में स्पष्ट तौर पर पाकिस्तान का रवैया आक्रामक रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान द्वारा संघर्ष विराम का उल्लंघन क्षेत्र में तनाव बढ़ाने और घुसपैठ की कोशिश को आड़ देने के लिए किया जा रहा है.

गौरतलब है कि पाकिस्तान की ओर से लगातार हो रही गोलीबारी के कारण जम्मू, सांबा तथा कठुआ जिलों में 20,000 से अधिक लोग अपने गांवों को छोड़कर चले गए हैं. पाकिस्तान की गोलाबारी के कारण करीब 20 गांवों के लोग अपने स्थान से पीछे हट गये हैं तथा कई शिविरों में रह रहें हैं.

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