बाजार में तेजी की उम्मीद

मुंबई | समाचार डेस्क: बाजार के विश्लेषकों का मानना है कि भारतीय बाजार में आगे भी तेजी बने रहने की उम्मीद हैं. इसका कारण महंगाई पर नियंत्रण तथा नीतिगत दरों में कटौती की संभावना है. बेहतर औद्योगिक उत्पादन आंकड़े, महंगाई में कमी की उम्मीद और सरकार द्वारा सुधार जारी रखने की उम्मीद से देश के शेयर बाजारों में तेजी का रुझान जारी रह सकता है.

आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर चौथी तिमाही के परिणामों, मार्च महीने के लिए महंगाई दर से संबंधित आंकड़े और संसद के बजट सत्र के शेष हिस्से पर टिकी रहेगी.


कोटक सिक्युरिटीज के प्राइवेट क्लाइंट ग्रुप रिसर्च के प्रमुख दीपेन शाह ने कहा, “बाजार में तेजी कायम रह सकती है, क्योंकि भारत उन थोड़े देशों में है, जहां नीतिगत दरों में कटौती संभव है, जहां विकास दर धीमे-धीमे बढ़ रही है और महंगाई नियंत्रण में है.”

शाह ने कहा, “संसद के आगामी सत्र में वस्तु एवं सेवा कर, भूमि अधिग्रहण विधेयक और सुधार की कोशिश पर निवेशक टकटकी लगाए रहेंगे.”

बजट सत्र का शेष हिस्सा 20 अप्रैल से शुरू होगा.

सोमवार को मार्च महीने के लिए उपभोक्ता महंगाई दर के आंकड़े जारी होंगे.

फरवरी में यह दर 5.37 फीसदी थी, जो जनवरी में 5.19 फीसदी और दिसंबर में 4.28 फीसदी थी.

शुक्रवार को जारी औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर के आंकड़े का बाजार पर प्रभाव रह सकता है. आंकड़ा शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद जारी हुआ था. आंकड़े के मुताबिक, फरवरी में औद्योगिक उत्पादन पांच फीसदी बढ़ा जो गत नौ महीने में सर्वाधिक वृद्धि है. जनवरी में औद्योगिक उत्पादन 2.6 फीसदी बढ़ा था.

आगामी सप्ताह कंपनियों के चौथी तिमाही के परिणाम आने शुरू हो जाएंगे. टाटा कंसल्टेंसी सर्विसिस 16 अप्रैल को, रिलायंस 17 अप्रैल को और विप्रो 21 अप्रैल को अपने परिणाम घोषित करेंगे.

जायफिन एडवाइजर्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी देवेंद्र नेवगी ने कहा, “आने वाले समय में कंपनियों के आय अनुमान के आधार पर ही बाजार में निवेश होगा.”

नेवगी ने कहा, “आने वाले सप्ताह में ग्रीस के वित्तीय मामले की परिणति, कच्चे तेल की कीमत और मध्य पूर्व में जारी तनाव पर भी निवेशकों का ध्यान रहेगा.”

जियोजीत बीएनपी पारिबास के फंडामेंटल रिसर्च के प्रमुख विनोद नायर ने कहा, “चौथी तिमाही के परिणाम से बैंकों के कर्ज सरलीकरण के परिदृश्य की जानकारी मिलेगी.”

नायर ने कहा, “गत महीने बजट में बड़ी-बड़ी बातें नहीं किए जाने, चौथी तिमाही परिणाम के साधारण रहने की उम्मीद और मुनाफावसूली के कारण बाजार में गिरावट दर्ज की गई थी. इसलिए उम्मीद की जा सकती है कि बाजार ने छोटी अवधि में निचला स्तर छू लिया है. किसी बड़े नकारात्मक संकेत से ही बाजार में और गिरावट आ सकती है.”

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