महंगाई दर कम पर बाजार सुस्त क्यों?

नई दिल्ली | एजेंसी: थोक महंगाई दर में आई गिरावट बाजार का दिल जीत पाने में नाकामयाब रही है. सोमवार को दोपहर के कारोबार में शेयर बाजार के प्रमुख सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट देखी गई. दोपहर करीब तीन बजे बंबई स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 241.20 अंकों की गिरावट के साथ 26,819.84 पर और नेशनल स्टॉक एकसचेंज का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 63.05 अंकों की गिरावट के साथ 8,042.45 पर कारोबार करते देखा गया.

सोमवार को वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक देश की थोक महंगाई दर अगस्त महीने में 3.74 फीसदी रही. जुलाई 2014 में थोक महंगाई दर 5.19 फीसदी थी और अगस्त 2013 में यह दर 6.99 फीसदी थी.


आम तौर पर महंगाई दर में गिरावट से बाजार में उछाल देखा जाता है, क्योंकि निवेशकों की इसमें भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा दर कटौती करने की उम्मीद जगती है. लेकिन थोक महंगाई दर के पिछले पांच महीने के निचले स्तर पर आ जाने के बाद भी बाजार में सुस्ती दिखाई दे रही है.

जानकारों के मुताबिक सरकार की बड़े पैमाने पर विनिवेश की योजना, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा अगले दो महीने में मासिक बांड खरीदारी कार्यक्रम को पूरी तरह से बंद करने की योजना और फेड की ब्याज दर बढ़ने की उम्मीद से बाजार में आने वाले समय में गिरावट आ सकती है.

निवेशकों की निगाह फेडरल रिजर्व की मंगलवार और बुधवार को होने वाली बैठक पर है, जिसमें इस बारे में निर्णय लिया जा सकता है.

यह गिरावट हालांकि अस्थायी हो सकती है और छोटे निवेशकों के लिए बाजार में प्रवेश करने का अच्छा अवसर साबित हो सकती है, क्योंकि केंद्र सरकार द्वारा लिए जा रहे बाजार अनुकूल नीतिगत फैसलों से आने वाले तकरीबन पूरे पांच साल तक बाजार में तेजी के रुझान की उम्मीद की जा रही है.

खाद्य महंगाई दर अगस्त 2014 में 5.15 फीसदी रही, जो एक साल पहले अगस्त में 19.17 फीसदी थी.

महंगाई दर में सबसे अधिक गिरावट प्याज में आई. प्याज की महंगाई अगस्त 2013 में 272.54 फीसदी थी, जबकि गत महीने अगस्त 2014 में प्याज की कीमत 44.70 फीसदी घट गई.

सब्जी की भी महंगाई दर अगस्त 2013 में 80.96 फीसदी थी, जिसकी कीमत इस साल अगस्त में 4.88 फीसदी घट गई.

अंडे, मांस और मछली की महंगाई दर अगस्त 2013 में 20.15 फीसदी थी, जिसकी दर इस साल अगस्त में 5.87 फीसदी घटी है.

चावल की महंगाई दर इस दौरान 21.33 फीसदी से घटकर 5.44 फीसदी रह गई, जबकि गेहूं की महंगाई दर 9.38 फीसदी से घटकर 0.67 फीसदी रह गई.

विनिर्मित वस्तुओं की महंगाई दर हालांकि बढ़ी है. यह 2.31 फीसदी से बढ़कर 3.45 फीसदी हो गई.

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