बीमा का लाभ किसान को, कंपनी को नहीं

भोपाल | समाचार डेस्क: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा किसान बीमा योजना का लाभ किसानों को होगा कंपनियों को नहीं. उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पहले के किसान बीमा में बीमा कंपनियों को लाभ होता रहा है. प्रधानमंत्री मोदी ने किसान बीमा योजना की औपचारिक शुरुआत करते हुये बताया कि यदि एक भी किसान को नुकसान हुआ तो उसे बीमा का लाभ मिलेगा. नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की औपचारिक शुरुआत करते हुए कहा कि एक किसान को भी नुकसान होने पर बीमा योजना का लाभ मिलेगा, वहीं किसानों को फसल का बेहतर दाम दिलाने के लिए डा. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर 14 अप्रैल को ऑनलाइन नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट की शुरुआत की जाएगी. मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के शेरपुर में गुरुवार को आयोजित किसान महासम्मेलन में प्रदेश भर के हजारों किसानों की मौजूदगी में मोदी ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरुआत करते हुए मार्गदर्शक पुस्तिका का विमोचन किया.

नई फसल बीमा योजना को किसानों के लिए लाभकारी बताते हुए उन्होंने कहा, “अगर एक किसान की फसल को भी नुकसान होता है तो उसे बीमा का लाभ दिया जाएगा, उसके आसपास के खेतों को आधार नहीं बनाया जाएगा.”


उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों की बीमा योजना से किसानों को नहीं, बल्कि कंपनियों को लाभ होता था. नई योजना में प्रीमियम की राशि तय की गई है. साथ ही मिलने वाली राहत राशि को भी छिपाया नहीं गया है.

उन्होंने कहा, “किसानों का पिछली सरकार की बीमा योजना में यकीन नहीं था, यही कारण है कि 20 प्रतिशत किसान भी बीमा नहीं कराते थे. इस चुनौती का सामना करते हुए यह योजना बनाई गई है. पुरानी योजना में व्यापक बदलाव किया गया है.”

उन्होंने कहा कि इस योजना की खूबी को इसी बात से समझा जा सकता है, जो लोग सुबह-शाम मोदी को किसान विरोधी बताकर कोसते थे, वे भी फसल बीमा योजना की आलोचना नहीं कर पा रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह योजना वास्तव में किसानों की सभी समस्याओं का समाधान करेगी.

प्रधानमंत्री ने डिजिटल इंडिया का जिक्र करते हुए कहा कि वे डिजिटल इंडिया का लाभ देश के किसानों को दिलाना चाहते है, जिसके लिए नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट का वर्चुअल प्लेटफॉर्म तैयार किया जा रहा है. साथ ही देश की 550 मंडियों को तकनीक से जोड़ा जाएगा. इस ऑनलाइन बाजार की शुरुआत भीमराव अंबेडकर की जयंती पर 14 अप्रैल को होगी. इससे किसान देश के किसी भी हिस्से में जहां भी दाम ज्यादा होंगे अपनी फसल को बेच सकेगा, क्योंकि उसे दाम की जानकारी अपने मोबाइल पर ही मिल जाएगी.

उन्होंने यूरिया की उपलब्धता का जिक्र करते हुए कहा कि देश के किसानों को पहली बार यूरिया खाद के लिए परेशान नहीं होना पड़ा. केंद्र सरकार के प्रबंधन का ही नतीजा है कि 2015 में देश के किसी भी राज्य के मुख्यमंत्री ने उन्हें यूरिया के लिए पत्र नहीं लिखा. किसानों को कहीं भी खाद या यूरिया के लिए कतार में नहीं लगना पड़ा.

इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को कृषि कर्मण पुरस्कार प्रदान किया, वहीं राज्य के किसानों की ओर से प्रधानमंत्री का सम्मान किया गया. इस सम्मेलन में प्रतीकात्मक तौर पर कृषक को स्वाईल हेल्थ कार्ड और खरीफ 2015 के फसल बीमा के दावों का वितरण भी किया गया.

इससे पहले किसान महासम्मेलन में केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि अरहर और गन्ने के पेड़ के बीच अंतर न समझने वाले नेता किसान हित की बात करते हैं.

इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा, “पिछले दिनों एक युवा नेता असम दौरे पर गया, वह वहां खेत में घूमा. अरहर का पौधा देखकर उसने पूछा, क्या यह गन्ने का पेड़ है जिसे अरहर और गन्ने के पेड़ में अंतर नहीं पता, वह किसान हित की बातें करता है.”

इस अवसर पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को अब हताश व निराश नहीं होने देगी. सुषमा ने कहा, “नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे, तब राज्य की पहचान औद्योगिक एवं कारोबारी राज्य के रूप में थी. कृषि के नक्शे पर यह राज्य कहीं नहीं था, लेकिन उनके शासनकाल में गुजरात कृषि के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बन गया. अब वह देश के प्रधानमंत्री हैं. किसानों के दर्द को समझते हुए अन्य योजनाओं के साथ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लेकर आए हैं.”

उन्होंने कहा कि इस बीमा योजना के बाद कोई भी किसान खेती छोड़ने की बात नहीं करेगा. वह हताश और निराश नहीं होगा, यह योजना उसका उत्साह बढ़ाएगी.

राज्य के मुख्यमंत्री चौहान ने प्रधानमंत्री मोदी की बढ़ती लोकप्रियता का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया के किसी भी कोने में चले जाइए हर जगह ‘मोदी-मोदी’ के ही नारे सुनाई देते है. उन्होने फसल बीमा योजना लाकर किसानों के जीवन को बदने का काम किया है.

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वायुसेना के विशेष विमान से गुरुवार को एक दिवसीय प्रवास पर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल पहुंचे, जहां स्टेट हैंगर पर राज्यपाल रामनरेश यादव, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान सहित राज्य सरकार के अनेक मंत्रियों ने उनकी अगवानी की. उसके बाद प्रधानमंत्री हेलीकॉप्टर से सीहोर के शेरपुर पहुंचे. किसान सम्मेलन के बाद प्रधानमंत्री हेलीकॉप्टर से शेरपुर से भोपाल पहुंचे और वायुसेना के विशेष विमान से दिल्ली के लिए प्रस्थान कर गए.

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