खालिद, अनिर्बान को अंतरिम जमानत

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: दिल्ली की एक अदालत ने खालिद तथा आनिर्बान को 6 माह की अंतरिम जमानत दे दी है. राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत ने राजद्रोह के मामले में गिरफ्तार जवाहर लाल नेहरूविश्वविद्यालय के छात्रों उमर खालिद व अनिर्बान भट्टाचार्य को अदालत ने छह महीने की अंतरिम जमानत दे दी. दोनों को 25-25 हजार रुपये का मुचलका जमा करने का निर्देश दिया गया है.

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रितेश सिंह की अदालत ने दोनों आरोपियों को अदालत की इजाजत के बिना दिल्ली नहीं छोड़ने का निर्देश दिया है.


दोनों आरोपियों ने समानता के आधार पर जमानत की मांग करते हुए कहा था कि जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार को भी इसी आरोप के तहत गिरफ्तार किया गया था, जिसे दिल्ली उच्च न्यायालय ने पहले ही अंतरिम जमानत दे दी.

कन्हैया कुमार के मामले से समानता के आधार पर छह महीने की अंतरिम जमानत देते हुए अदालत ने कहा कि उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं रहा है और ऐसा कुछ भी सामने नहीं लाया गया है, जो यह संकेत दे सके कि जमानत के बाद उनके फरार होने की संभावना है.

न्यायालय ने कहा, “पुलिस की तरफ से ऐसा कुछ भी पेश नहीं किया गया है, जिससे यह साबित हो सके कि उमर खालिद व अनिर्बान भट्टाचार्य पहले किसी आपराधिक मामले में शामिल रहे हों.”

न्यायालाय के मुताबिक, “उमर खालिद व अनिर्बान भट्टाचार्य के खिलाफ लगे आरोप हालांकि गंभीर हैं, लेकिन जैसा कि पुलिस ने कहा कि घटना की वीडियो फुटेज को जांच के लिए फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया है. इसके विश्लेषण व अंतिम रिपोर्ट में निश्चित तौर पर कुछ वक्त लगेगा.”

वहीं, दिल्ली पुलिस ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि यह मामला कन्हैया कुमार के मामले से अलग है, क्योंकि वे नौ फरवरी को उस विवादित कार्यक्रम के आयोजनकर्ताओं में थे, जिसमें राष्ट्रविरोधी नारे लगाए गए थे.

दोनों छात्रों ने पिछले महीने पुलिस के समक्ष समर्पण कर दिया था. कन्हैया की 12 फरवरी की गिरफ्तारी के तुरंत बाद दोनों के खिलाफ दक्षिणी दिल्ली के वसंत कुंज थाने में एक मामला दर्ज किया गया था.

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