IRNSS-1G का सफल परीक्षण

श्रीहरिकोटा | समाचार डेस्क: भारत ने गुरुवार को देश के सातवें और अंतिम नौवहन उपग्रह आईआरएनएसएस-1जी का सफल परीक्षण किया. आईआरएनएसएस-1जी का परीक्षण यहां रॉकेट पोर्ट से गुरुवार दोपहर भारतीय ध्रुवीय उपहग्रह प्रक्षेपण यान रॉकेट के जरिये किया गया.

44.4 मीटर लंबे और 320 टन वजनी पीएसएलवी-एक्सएल के जरिये उपग्रह का परीक्षण दोपहर 12.50 बजे किया गया.


सात उपग्रहों वाली भारतीय क्षेत्रीय नौवहन उपग्रह प्रणाली के छह उपग्रह (आईआरएनएसएस-1ए, आईआरएनएसएस-1बी, आईआरएनएसएस-1सी, आईआरएनएसएस-1डी, आईआरएनएसएस-1ई और आईआरएनएसएस-1एफ) पहले ही कक्षा में स्थापित किए जा चुके हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय अंतरिक्ष वैज्ञानिकों को देश के सातवें नेविगेशन उपग्रह के सफल परीक्षण पर बधाई दी है. इसका परीक्षण आंध्र प्रदेश में श्रीहरिकोटा के स्पेसपोर्ट से किया गया.

उन्होंने वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए टेलीविजन पर कहा, “हमारे वैज्ञानिकों ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं. अंतरिक्ष विज्ञान के जरिये लोगों का जीवन बदला जा सकता है. भारत ने सात नौवहन उपग्रह का परीक्षण किया है, जो सफल रहा.”

उन्होंने कहा कि यह सफल परीक्षण ‘देशवासियों के लिए भारतीय वैज्ञानिकों का अमूल्य उपहार’ है, जो भारत की स्वदेशी नौवहन उपग्रह प्रणाली की गारंटी प्रदान करता है.

मोदी ने कहा, “हमारी इस कोशिश से न सिर्फ भारत को फायदा होगा, बल्कि सार्क देश भी इसका लाभ उठा सकेंगे.”

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