गाजा: अब तक 1030 मारे गये

गाजा | समाचार डेस्क: गाजा पर 19 दिनों से जारी इजरायली हमले से मरने वालों की संख्या 1,030 हो गई है. गाजा पट्टी में विभिन्न जगहों पर मलबों से 130 और शव निकाले गए हैं. यह जानकारी शनिवार को अधिकारियों ने दी. गाजा में स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता अशरफ अल-केद्रा ने संवाददाताओं से कहा कि शनिवार को मानवीय आधार पर लागू संघर्ष विराम के दौरान बचाव दल और चिकित्सीय कर्मचारियों ने मलबों से कई शव निकाले.

इससे पहले आठ जुलाई से शुरू हुए इजरायली हमले में 985 फिलिस्तीनियों के मारे जाने की खबर दी गई थी. शुक्रवार की रात इस्लामिक हमास मूवमेंट और इजरायल ने संयुक्त राष्ट्र के शनिवार सुबह 8 बजे से 12 घंटे के मानवीय संघर्ष विराम रखने पर राजी हुए. यह संघर्ष विराम बचाव दल और चिकित्साकर्मियों को शवों की तलाशी और घायलों को निकालने के लिए किया गया है.


गाजा में गृह मंत्रालय ने लोगों से इजरायल की जमीनी सेना वाले इलाकों के आसपास नहीं जाने के लिए कहा है. संघर्ष विराम लागू होने से पहले रातभर चले हमलों के दौरान 27 फिलिस्तीनी मारे गए. यह जानकारी देते हुए अल-केद्रा ने कहा कि सबसे दुखद एक परिवार के 20 सदस्यों का मारा जाना है. इनमें से अधिकांश महिलाएं और बच्चे हैं. खान यूनिस में उनके मकान पर हमला हुआ जिसमें सभी मारे गए.

गौर करने वाली बात यह है कि फिलिस्तीनी बच्चों से लेकर हर मासूम इंसान पर इजराइल जिस पाशविकता के साथ रासायनिक हमले कर रहा है उसे ज़ाहिर है कि उसका टारगेट न तो हमास है न ही रॉकेटों को रोकना. निहत्थे नागरिकों पर लगातार जारी बमबारी और ज़हरीले घातक हथियारों से हो रहे हमलों से साफ़ है कि इजराइल फिलिस्तीन के समूल सफाये के अपने दशकों पुराने एजेंडे पर चल रहा है .

जिस बड़ी तादाद में अस्पतालों ,स्कूलों से लेकर शरणार्थी शिविरों को निशाना बनाया जा रहा है उससे ज़ाहिर है नाजी कैम्प्स जैसी हत्याओं कि पुनरावृत्ति हो रही है . इजरायली समर्थक कहते हैं कि वह खुद को ‘डिफेंड ‘ कर रहा है तो ये कैसा ‘डिफेंड’ है जहाँ मिलिट्री निरीह जनता को कुचल रही है, ये कैसा’ डिफेंड’ है जहाँ दूसरों की भूमि पर कब्ज़ा किया जाता है फिर उन्हें ही बेदखल कर बर्बरता की जाती है, ये कैसा ‘ डिफेंड ‘ है जिसमे न हमास का बाल बांका होता है और इजराइल को एक खरोंच तक नहीं आती पर निहत्थी बेबस जनता गाजर मूली कि तरह काट दी जाती है.

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