आग से रेल यातायात अस्त-व्यस्त

रायपुर | बीबीसी: इटारसी में इंटरलॉकिंग सिस्टम खराब होने से रेल यातायात अस्त-व्यस्त हो गया है. इससे छत्तीसगढ़ तथा मध्य प्रदेश के ट्रेनों के अलावा उन ट्रेनों के संचालन में कठिनाई आ रही है जो इस मार्ग से गुजरती है. मध्य प्रदेश के इटारसी स्टेशन के आरआरआई यानी रूटीन रिले इंटरलॉकिंग सिस्टम में आग लगने की वजह से रेलवे को तक़रीबन 1,000 करोड़ रुपए का नुक़सान हुआ है.

लगभग 600 ट्रेनें रद्द कर दी गईं और तक़रीबन 300 ट्रेनों का रास्ता बदलना पड़ा. दस दिन पहले लगी आग से पूरा रेल डिविजन अस्त व्यस्त हो चुका है.


चार रेल मंडलों के चुनिंदा लोगों को मिला कर बनी टीम सिस्टम दुरुस्त करने में लगी हुई है. तक़रीबन 700 इंजीनियर और 300 कर्मचारी लगे हुए है.

नए सिस्टम को पूरी तरह चालू करने के लिए 22 जुलाई का लक्ष्य रखा गया है. इंजीनियर और कर्मचारी तीन शिफ्टों में यानी चौबीसों घंटे काम कर रहे है. माना जा रहा है आग की वजह से रेलवे को लगभग 1,000 करोड़ रुपए का नुक़सान हुआ है.

मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पीयूष माथुर ने बताया कि आग से पूरा सिस्टम बर्बाद हो गया. उन्होंने कहा, “यह ऐसी चीज़ नही है, जिसे एक दिन में फिर से खड़ा किया जा सके. सैकड़ों ट्रेनें इससे संचालित होती थी. लगभग 1.28 लाख टिकिटें कैंसिल कराई गई.”

टिकटें रद्द होने की वजह से रायगढ़, बिलासपुर, रायपुर, राजनांदगांव, दुर्ग जैसे बड़े रेलवे स्टेशनों पर हज़ारों यात्री हफ़्ते भर से परेशान हैं.

परेशान यात्रियों में एक प्रतिमा ठाकुर से बीबीसी ने बात की. वे गर्मी की छुट्टियां बिता कर अपनी बेटियों के साथ छत्तीसगढ़ के राजनंदगांव से दिल्ली लौट रही थी. प्रतिमा ठाकुर को राजनंदगांव रेलवे स्टेशन पर यह बताने वाला कोई नहीं था कि उनकी ट्रेन गोंडवाना एक्सप्रेस आएगी या नहीं.

बाद में उन्हें पता चला कि उनकी तो ट्रेन ही रद्द कर दी गई है.

उन्होंने दिल्ली जाने के लिए विकल्प के रूप में छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस चुना. पर बाद में यह ट्रेन भी रद्द कर दी गई. प्रतिमा ने इसके बाद समता एक्सप्रेस चुना. बाद में उन्हें बताया गया कि यह ट्रेन भी रद्द है.

प्रतिमा ठाकुर ने महीनों पहले टिकटें ली थीं. प्रतिमा खीज कर कहती हैं, “एक गड़बड़ी तो हम 8 दिन में भी नहीं सुधार सके, बुलेट ट्रेन चलाने की बात की जा रही है.”

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