नेताओं से सवाल करने को तैयार जशपुरवासी

जशपुर | एजेंसी: छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है, लेकिन सभी स्तरों पर तैयारियां शुरू हो गई हैं. चुनाव कराने के लिए प्रशासनिक अमले की तैयारी और प्रत्याशी चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के दांव पेंच के बीच जशपुर के ग्रामीण इलाकों के मतदाताओं ने अपने जनप्रतिनिधियों से विकास के अधूरे कार्यों की सूची बना कर इसका जवाब मांगने का मन बनाया है.

इलाके के मतदाताओं का कहना है कि उन्हें चुनाव और उम्मीदवारों का इस बार बेकरारी से इंतजार है. शहर में विकास के महत्वपूर्ण कार्य 10 साल के बाद भी अधूरे रहने से ज्यादातर बुद्धिजीवी मतदाता इस चुनाव में राजनीतिक दलों को घेरने की तैयारी में हैं.


पत्थलगांव में बाईपास सड़क, कटनी गुमला राष्ट्रीय राज मार्ग पर पांच साल से डामरीकरण और चौड़ीकरण का अधूरा कार्य, बस अड्डे में वर्षो से काबिज गरीब दुकानदारों का व्यवस्थापन, सरकारी अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहद लचर व्यवस्था को लेकर यहां की जनता में आक्रोश है.

यहां के ग्रामीण क्षेत्रों में भी मतदाताओं द्वारा अपने नेताओं से पूछे जाने वाले सवाल तैयार किए जा रहे हैं. इन सवालों में नेताओं के उन वायदों को शामिल किया गया है जो अब तक पूरे नहीं हो पाए हैं. जागरूक मतदाताओं का कहना है कि उनके लिए यह मायने नहीं रखता कि नेता किस दल से है.

तमता विधानसभा क्षेत्र के युवा व्यवसायी नंदकिशोर अग्रवाल ने कहा कि तमता क्षेत्र के विकास के लिए दोनों ही प्रमुख दलों ने कई वायदे किए थे. लेकिन किसी भी नेता ने इस अंचल की समस्याओं को दूर करने की जिम्मेदारी नहीं निभाई है. उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में यहां की विद्युत अव्यवस्था को दूर करने का वायदा किया गया था, लेकिन यहां ट्रासंफार्मर की खराबी की वजह से पिछले एक माह से नल-जल व्यवस्था ठप है. इसी तरह पांच साल से विद्युत अव्यवस्था का खामियाजा कम वोल्टेज में मिल रही बिजली के रूप में लोगों को भुगतना पड़ रहा है.

लुड़ेग के अखिलेश अग्रवाल ने कहा कि विकास कार्यों को लेकर विधायक की यह दलील रहती है कि सरकार उनकी नहीं बन सकी इसलिए वे कुछ नहीं कर पा रहे हैं और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता कहते हैं कि विधायक विरोधी पार्टी के हैं इसलिए विकास के काम नहीं हो रहे हैं. आखिर इसके लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए.

अग्रवाल ने कहा कि रेल सेवा विहीन जशपुर जिले में मुख्य सड़कें बदहाल हैं. कटनी से गुमला राष्ट्रीय राज मार्ग की जर्जर दशा को सुधारने के लिए किसी भी राजनैतिक दलों के नेताओं ने ठोस प्रयास नहीं किया हैं. अन्यथा इस सड़क की बदहाली से सड़क दुर्घटनाओं में सैकड़ों लोगों को अपनी जान नहीं गंवानी पड़ती.

पाकरगांव के किसान गणेशचंद्र बेहरा, संतुराम यादव का कहना है कि यहां टमाटर की बहुतायत में पैदावार करने वाले किसानों को प्रत्येक चुनाव में उनकी उपज का पूरा मूल्य दिलाने का वादा किया जाता है पर पत्थलगांव क्षेत्र के किसानों को वर्षों बाद भी बिचौलियों की मर्जी पर ही टमाटर बेचने पड़ते हैं.

किसानों का कहना था कि लुड़ेग में लाखों रुपये की लागत से खोला गया सरकारी टमाटर ग्रेडिंग संयंत्र केवल दिखावा साबित हुआ है.

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