जयललिता की जोरदार वापसी

चेन्नई | समाचार डेस्क: जयललिता ने तमिलनाडु सदन में जोरदार वापसी की है. उन्हें अपने विधानसभा क्षेत्र के कुल मतदाताओं में पचास फीसदी से ज्यादा का समर्थन मिला है. हालांकि, एक विधायक के रूप में जयललिता की वापसी तय मानी जा रही थी परन्तु उन्होनें क्षेत्र के बहुमत मतदाताओं का समर्थन हासिल कर आने वाले विधानसभा चुनाव का संकेत दे दिया है. तमिलनाडु की मुख्यमंत्री व एआईएडीएमके की महासचिव जे. जयललिता ने राधाकृष्णन नगर विधानसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव में मंगलवार को भारी अंतर से जीत दर्ज की. इस सीट के लिए 27 जून को मतदान हुआ था, जिसकी मतगणना मंगलवार को हुई. जयललिता ने 1,60,432 मत हासिल कर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवार सी. महेंद्रन को 1,50,722 मतों के भारी अंतर से हराया. महेंद्रन को 9,710 मत मिले.

राधाकृष्णन नगर विधानसभा क्षेत्र में लगभग 2,45,000 पंजीकृत मतदाता हैं और जयललिता को कुल मतों के 50 फीसदी से ज्यादा मत मिले.

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, राज्यपाल के. रोसैया ने जयललिता को उनकी रिकॉर्ड जीत के लिए बधाई दी. एआईएडीएमके के मुख्यालय और जयललिता के आवास पर जश्न का माहौल है.

पार्टी के कार्यकर्ता और नेता जयललिता की जीत की खुशी में मिठाइयां बांट रहे हैं और पटाखे जला रहे हैं.

जयललिता ने अपनी जीत के लिए मतदाताओं और एआईएडीएमके समर्थकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह जीत आने वाले 2016 विधानसभा चुनाव के परिणाम का संकेत हैं.

वर्ष 2011 में हुए विधानसभा चुनाव में जीत से सत्ता में आने के बाद से उपचुनाव में यह एआईएडीएमके की सातवीं जीत है. पार्टी ने 2011 के बाद हुए सभी उपचुनावों में जीत दर्ज की है.

मतगणना मंगलवार सुबह आठ बजे शुरू हुई. जयललिता मतगणना के शुरुआती चरण से ही अपने प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों से आगे चल रही थीं.

वर्ष 2006 में एआईएडीएमके के उम्मीदवार पी. के. शेखरबाबू ने 84,462 मत हासिल किए थे. वर्ष 2011 में एआईएडीएमके के पी. वेतरीवल ने द्रविड़ मुनेत्र कड़गम से चुनाव लड़ रहे शेखरबाबू को 31,000 मतों से हराकर 83,777 मत हासिल किए थे.

राधाकृष्णन नगर विधानसभा क्षेत्र से 28 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे. हालांकि सिर्फ भाकपा उम्मीदवार महेंद्रन को ही जयललिता का गंभीर प्रतिद्वंद्वी माना जा रहा था.

वहीं, द्रमुक, पीएमके, डीएमडीके, कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी और एमडीएमके जैसी विपक्षी पार्टियों ने यह उपचुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया था.

भाकपा और मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने महेंद्रन को अपना संयुक्त उम्मीदवार घोषित किया था.

राधाकृष्णन नगर से एआईएडीएमके नेता वेतरीवल वर्ष 2011 का विधानसभा चुनाव जीते थे. उन्होंने जयललिता की विधानसभा में वापसी के मद्देनजर इस सीट से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद यहां उपचुनाव कराया गया.

गौरतलब है कि आय से अधिक संपत्ति मामले में एक निचली अदालत द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद जयललिता की विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई थी और उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था.

हालांकि कर्नाटक उच्च न्यायालय ने जयललिता को दोषी करार देने वाली निचली अदलात के आदेश पर रोक लगा दी और उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया.

अदालत से बरी होने के बाद जयललिता ने दोबारा मुख्यमंत्री पद ग्रहण कर लिया, हालांकि उन्हें पद पर बने रहने के लिए छह महीने के भीतर विधानसभा की सदस्यता हासिल करनी थी.

इस बीच कर्नाटक सरकार जयललिता को बरी किए जाने के उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर चुकी है.

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