झारसुगुड़ा में बंधुआ हैं छत्तीसगढ़िया

झारसुगुड़ा | समाचार डेस्क: छत्तीसगढ़ के मज़दूर ओड़ीशा में बंधक हैं. कई महीनों तक काम करने के बाद भी झारसुगड़ा के इलाके में काम कर रहे कई मज़दूरों को उनकी मज़दूरी नहीं मिल रही है और ये मजदूर बंधुआ बने हुये हैं. ओडीशा के झारसुगुड़ा के बुडीपदर स्थित लियो ब्रिक्स ईट भट्ठा में कार्य करने वाले छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को करीब 3.50 लाख रुपये के वेतन का मालिक ने भुगतान नहीं किया है. श्रमिकों का आरोप है कि उन्हें वहां पर बंधक बनाकर रखा गया है.

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में श्रमिक पड़ोसी राज्यों तथा देश के अन्य हिस्सों में काम की खोज में जाते हैं. इनमें से ज्यादातर से ईंट भट्टे में काम कराया जाता है. ईंट भट्टे के मालिक श्रमिकों को जितने पैसे देने की बात करके ले जाते उन्हें वहां पहुंचने पर उतने पैसों का भुगतान नहीं किया जाता है. फलस्वरूप श्रमिक अपने वेतन के चक्कर में वहां बंधक बन जाते हैं तथा काम करते रहते हैं.


इस बात का खुलासा तब हुआ जब श्रमिकों ने झारसुगुड़ा के श्रम कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई. परन्तु वहां के श्रम विभाग ने भी श्रमिकों को पैसा दिलवाने के लिये कोई हल नहीं निकाला. हार कर ईंट भट्टे के श्रमिकों ने पड़ोसी रायगढ़ जिला प्रशासन के सामने अपनी समस्या रखी.

श्रमिकों को वेतन न मिलने की बात सुनकर रायगढ़ प्रशासन ने झारसुगुड़ा के अतिरिक्त जिलाधीश ब्रजगोपाल आचार्य ने वहां के श्रम अधिकारी को निर्देश दिया है. उसके बावजूद भी ईंट भट्टा में काम करने वाले श्रमिकों को मालिक द्वारा वेतन का भुगतान नहीं किया गया है. वहीं, झारसुगुड़ा जिला श्रम अधिकारी अरुण कुमार राय का कहना है कि उन्हें श्रमिकों के आरोपों के संबंध में कोई प्रमाण अभी तक नहीं मिला है.

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