झीरम जांच में रमन सिंह को बुलावा नहीं

बिलासपुर | छत्तीसगढ़: झीरम घाटी जांच आयोग में पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह को नहीं बुलाया जायेगा. झीरम घाटी जांच आयोग ने कांग्रेस पार्टी के उस आवेदन को खारिज कर दिया है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह सहित तत्कालीन अन्य मंत्रियों को जिरह के लिए आयोग के समक्ष बुलाने की मांग की गई थी.

25 मई 2013 को झीरम घाटी हमले में तत्कालीन कांग्रेस दिग्गज विद्याचरण शुक्ल, नंदकुमार पटेल, महेन्द्र कर्मा सहित 30 लोगों की हत्या के मामले की जांच जस्टिस प्रशांत मिश्रा का एक सदस्यीय आयोग कर रहा है. इस मामले में कांग्रेस की ओर से वकील सुदीप श्रीवास्तव ने एक आवेदन बीते बरस 18 फरवरी को लगाया था. इसमें मांग की गई थी कि तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, छत्तीसगढ़ के तत्कालीन गृह मंत्री ननकीराम कंवर, तत्कालीन केन्द्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे तथा तब के केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह को आयोग के समक्ष प्रतिपरीक्षण के लिए बुलाया जाये.


कांग्रेस की ओर से तर्क दिया गया था कि 1984 में सिख विरोधी दंगों की जांच करने के लिए गठित नानावटी आयोग ने तत्कालीन गृह मंत्री स्व. पीवी नरसिम्हाराव को बयान देने के लिए बुलाया था. इसी तरह बाबरी मस्जिद विध्वंस की सुनववाई कर रही लिब्रहान आयोग ने तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व. राव तथा उत्तरप्रदेश के तब के मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को बयान देने कि लिए बुलाया गया था.

कई दौर की सुनवाई के बाद आज आयोग ने कांग्रेस का आवेदन यह कहकर निरस्त कर दिया गया कि यह तब दिया गया है जब सभी 67 गवाहों के बयान पूरे हो चुके हैं. आयोग ने कांग्रेस व सरकार दोनों को अपने इस फैसले को लेकर अपना तर्क लिखित में 15 दिन के भीतर देने के लिए कहा है.

इस मामले में मुख्य याचिकाकर्ता विवेक बाजपेयी आज आयोग की ओर से उपस्थित हुए, जबकि शासन की ओर से अभ्युदय सिंह ने पक्ष रखा.

ज्ञात हो कि आयोग में दोनों पक्षों की सुनवाई तकरीबन पूरी हो चुकी है. अब इस मामले में आयोग अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा. दोनों पक्षों का इस बारे में जवाब आने के बाद रिपोर्ट सरकार को सौंपी जा सकती है. कांग्रेस ने घटना के पीछे साजिश होने की आशंका को देखते हुए जांच आयोग बनाने की मांग की थी. यह आयोग पिछले पांच वर्षों से काम कर रहा है.

कांग्रेस सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने झीरम घाटी मामले में साजिश का पता लगाने के लिए विशेष जांच दल का गठन भी किया है.

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