j&k केंद्र अतिरिक्त बल भेजेगा

श्रीनगर | समाचार डेस्क: कश्मीर में स्थिति पर नियंत्रण के लिये केन्द्र अतिरिक्त बल भेजेगा. मंगलवार को कथित रूप से सेना के जवान द्वारा एक 16 वर्षीय लड़की के साथ छेड़छाड़ के बाद वहां प्रदर्शन जारी हैं तथा तनाव बरकरार है. गृह मंत्रालय ने बयान जारी करके जानकारी दी है कि केन्द्र कश्मीर में अतिरिक्त बल भेजेगा. वहीं जम्मू एवं कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को स्थिति का जायजा लेने के लिए कर्फ्यूग्रस्त हंदवाड़ा शहर का दौरा किया. वहीं, केंद्र सरकार ने राज्य में अतिरिक्त जवानों को भेजने का फैसला किया है. हंदवाड़ा में इस मंगलवार को कथित तौर पर एक सैन्यकर्मी द्वारा एक स्कूली छात्रा के साथ छेड़छाड़ की घटना के बाद हिंसक प्रदर्शन हुए. प्रदर्शनकारियों तथा सुरक्षाबलों के बीच हुई गोलीबारी में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है. हालांकि सेना ने छेड़छाड़ में अपने किसी जवान की संलिप्तता से इनकार किया है.

महबूबा मुफ्ती के साथ हंदवाड़ा के दौरे में राज्य के उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह, मुख्य सचिव बी. आर. शर्मा और पुलिस महानिदेशक के. राजेंद्र कुमार भी साथ थे. उन्होंने मारे गए नागरिकों के परिजनों से मुलाकात की.


इस दौरान छेड़छाड़ की शिकार हुई लड़की की मां ने शनिवार को कहा कि लड़की द्वारा वीडियो बनाकर दिया गया बयान पुलिस के दबाव में दिया गया था.

मंगलवार को हुई छेड़छाड़ की इस घटना के बाद लड़की ने एक वीडियो जारी कर कहा कि उसके साथ कुछ स्थानीय लड़कों ने बदसलूकी की थी.

मुख्यमंत्री ने मारे गए युवाओं के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और कहा कि मंगलवार की इस घटना के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और राज्य सरकार कानूनी प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करेगी.

महबूबा ने कहा, “मैं कुपवाड़ा का दौरा विशेष आर्थिक पैकेज के साथ करना चाहती थी. लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मैं यहां शोक संतप्त परिवारों को सांत्वना देने आई हूं.”

उन्होंने मारे गए युवाओं के परिवारजनों को मुआवजा देने का वादा किया.

नई दिल्ली में केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि ने खुफिया ब्यूरो, रक्षा मंत्रालय, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और गृह मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक कर घाटी में स्थिति की समीक्षा की और जानमाल की हानि के बिना स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए जम्मू एवं कश्मीर सरकार की आवश्यकताओं का आकलन किया.

गृह मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है, “केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में पिछले चार दिनों में जानमाल की हुई हानि से चिंतित है और कश्मीर घाटी में सुरक्षा बढ़ाने के लिए अतिरिक्त केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल को भेजने का फैसला किया गया है.”

इस बयान में कहा गया है कि केंद्र सरकार राज्य सरकार को पूरा सहयोग व समर्थन देगी ताकि आगे किसी के जान का नुकसान ना हो.

बयान में यह भी कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पिछले साल नवंबर में कश्मीर दौरे के दौरान घोषित किए गए पैकेज को शीघ्रता से जम्मू-कश्मीर के समग्र विकास के लिए लागू किया जा रहा है. इससे स्थानीय युवकों को रोजगार मिलेगा और राज्य में समृद्धि आएगी.

एनडीटीवी को दिए साक्षात्कार में लड़की की मां ने कहा, “वह अन्य लड़कियों के साथ स्कूल से लौट रही थी और बाजार के एक शौचालय में गई थी. तभी वहां सेना का एक जवान आ गया. जिसे देखकर वह चिल्लाई. वहां जो लड़के मौजूद थे वे अपनी बहन का चिल्लाना सुनकर खुद पर काबू नहीं रख पाए. वहां भीड़ जमा हो गई जिसके बाद सेना ने गोलीबारी की.”

उन्होंने कहा, “वह पुलिस के दवाब में थी. वह छोटी उम्र की है और सिर्फ 16 साल की है. उसे पांच दिनों तक हिरासत में रखा गया और हमें उससे मिलने भी नहीं दिया गया.”

पुलिस ने बताया कि उस लड़की और उसके पिता को ‘एहतियातन हिरासत’ में लिया गया है.

उस लड़की की मां और चाचा शनिवार सुबह संवाददाताओं से बात करना चाह रहे थे, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं दी गई.

सेना के जवान द्वारा कथित तौर पर छेड़छाड़ की शिकार लड़की की मां ने शनिवार को जम्मू एवं कश्मीर उच्च न्यायालय का रुख किया और आरोप लगाया कि उसकी बेटी को पुलिस ने अवैध रूप से हिरासत में रखा है.

उच्च न्यायालय ने शनिवार को राज्य पुलिस को निर्देश दिया कि वह 20 अप्रैल तक लड़की का किसी तरह का बयान दर्ज नहीं करे. उसका बयान कुपवाड़ा के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष दर्ज किया जाएगा.

घाटी में बीते दो दिनों से मोबाइल इंटरनेट सेवा निलंबित कर दिया गया है और घाटी के कई हिस्सों में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है.

हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक तथा यासीन मलिक सहित सभी अलगाववादी नेताओं ने घाटी में बंद का आह्वान किया है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!