जेपी सीमेंट पर विधानसभा में हंगामा

रायपुर: भिलाई में जेपी सीमेंट कंपनी को ग्रीन बेल्ट में निर्माण की अनुमति देने का मामला सोमवार को विधानसभा में जोर-शोर से उठा. आवास एवं पर्यावरण मंत्री राजेश मूणत ने कहा कि कंपनी को नियमों के तहत ही निर्माण की अनुमति दी गई है. कांग्रेस सदस्य मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और उन पर गलत बयानी का आरोप लगाते हुए सदन से वाकआऊट कर दिया.

प्रश्नकाल में नेता प्रतिपक्ष रविंद्र चौबे की अनुपस्थिति में कांग्रेस सदस्य मोहम्मद अकबर ने यह मामला उठाया. उन्होंने पूछा कि जेपी सीमेंट को ग्रीन बेल्ट में निर्माण की अनुमति किस आधार पर दी गई? आवास एवं पर्यावरण मंत्री ने कहा कि जो भी अनुमति दी गई है. वह नियमों के तहत है. कंपनी का भिलाई स्टील प्लांट के साथ संयुक्त उपक्रम है.

अकबर के पूरक प्रश्न के जवाब में मूणत ने कहा कि भिलाई स्टील प्लांट की जगह पर सीमेंट कंपनी की स्थापना की गई है. इस पर कांग्रेस सदस्य ने कहा कि इस कंपनी को दूसरे राज्य में नियमों का उल्लंघन करने पर सौ करोड़ का जुर्माना हुआ है. उन्होंने कहा कि कंपनी का भू-उपयोग परिवर्तन किया गया है. उन्होंने कंपनी को सरकार का संरक्षण होने का आरोप लगाया. उन्होंने पूछा कि ग्रीन बेल्ट में उद्योग लगाने की अनुमति कैसे दे दी गई.

आवास एवं पर्यावरण मंत्री ने कहा कि नियमों के तहत ही भू-उपयोग में परिवर्तन किया गया है. पहले भी कई बार भू-उपयोग में परिवर्तन किया गया. कांग्रेस सदस्य प्रतिमा चंद्राकर ने कहा कि यह सीमेंट कंपनी उनके विधानसभा क्षेत्र में है और सेक्टर एरिया भी पास में ही है. आस-पास काफी प्रदूषण हो रहा है. कांग्रेस सदस्य मोहम्मद अकबर ने मंत्री पर गलत बयानी का आरोप लगाया. इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि यदि मंत्री ने गलत जवाब दिया है तो इसके लिए प्रश्न संदर्भ समिति में शिकायत की जा सकती है. कांग्रेस सदस्यों ने मंत्री के जवाब को समाधान कारक नहीं माना और सदन से वाकआऊट कर दिया.

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