केबी सर मेरे गुरु थे: रजनीकांत

चेन्नई | मनोरंजन डेस्क: रजनीकांत आज जो कुछ हैं उसका श्रेय़ उन्होंने अपने गुरु तथा मार्गदर्शक के. बालचंदर को दिया है. रजनीकांत ने कहा कि के. बालचंदर एक इंसान के रूप में ईश्वर थे जिनकी कमी हमेशा खलती रहेगी. तमिल फिल्मकार के. बालचंदर के दोनों शिष्य रजनीकांत तथा कमल हासन ने तमिल के अलावा बालीवुड में भी राज किया. के. बालचंदर के शिष्य रजनीकांत जहां अपनी करामती अदा के लिये मशहूर रहें हैं वहीं, कमल हासन ने बालीवुड में अप्पू राजा से लेकर बुढ़िया तक का किरदार निभाया है. के. बालचंदर की खूबी ती कि वे अपने साथ काम करने वाले अबिनेताओ तथा अभिनेत्रियों को एक पिता, गुरु तथा मार्गदर्शक के रूप में गाइड किया करते थे. अपने गुरु और विख्यात फिल्मकार के. बालचंदर के निधन की खबर से आहत सुपरस्टार रजनीकांत ने कहा है कि उनकी नजर में बालचंदर सिर्फ उनके मार्गदर्शक ही नहीं, बल्कि पिता जैसे थे. बालचंदर का यहां मंगलवार को एक निजी अस्पताल में निधन हो गया. वह मूत्राशय के संक्रमण और वृद्धावस्था संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे.

के.बी. नाम से लोकप्रिय बालचंदर ने भारतीय सिने जगत को कमल हासन और रजनीकांत जैसे नायाब हीरे दिए हैं.


शोक संतप्त रजनीकांत ने एक बयान में कहा, “केबी सर सिर्फ मेरे गुरु ही नहीं थे. वह मेरे पिता भी थे. उन्होंने भी कभी मुझे एक अभिनेता के रूप में नहीं देखा, बल्कि मुझसे हमेशा अपने बेटे जैसा व्यवहार किया. वह इंसान के रूप में ईश्वर की तरह थे. मुझे उनके न होने पर खालीपन महसूस हो रहा है.”

बालचंदर ने रजनीकांत को 1975 में तमिल फिल्म ‘अपूर्वा रागंगल’ से लांच किया था.

रजनीकांत और बालचंदर ने 10 से ज्यादा फिल्मों में साथ में काम किया.

बालचंदर के पार्थिव शरीर को प्रशंसकों के अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर रखा गया है.

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