करुणा शुक्ला पर कांग्रेस में बगावत

बिलासपुर | संवाददाता: करुणा शुक्ला के कांग्रेस प्रवेश का पार्टी में विरोध शुरु हो गया है. बिलासपुर में कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व विधायक अरुण तिवारी ने कहा है कि करुणा शुक्ला लोकसभा चुनाव के टिकट के लालच में कांग्रेस में आई हैं लेकिन उनके मंसूबे को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा.

गौरतलब है कि अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी करुणा शुक्ला कांग्रेस में शामिल हो गईं. गुरुवार को उन्होंने कांग्रेस पार्टी मुख्यालय में पार्टी में शामिल होने की घोषणा की.


1950 में जन्मी करुणा शुक्ला ने पहली बार छत्तीसगढ़ के बलौदा बाज़ार विधानसभा से चुनाव लड़ा था और विधानसभा पहुंची थीं. इसके बाद वे जांजगीर-चांपा इलाके से सांसद भी चुनी गई थीं. वे भारतीय जनता पार्टी की महिला शाखा की राष्ट्रीय अध्यक्ष के अलावा भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी रही हैं. छत्तीसगढ़ में 2013 में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अक्टूबर में उन्होंने भाजपा से इस्तीफा दिया था. इसके बाद पार्टी के नेताओं ने उनकी घर वापसी की लगातार कोशिश की. लेकिन करुणा ने भाजपा में लौटने से इंकार कर दिया था.

गुरुवार को उनके कांग्रेस प्रवेश के बाद माना जा रहा है कि वे बिलासपुर से कांग्रेस पार्टी की प्रत्याशी हो सकती हैं. लेकिन पार्टी के आला नेताओं की इच्छाओं के उलट स्थानीय कांग्रेस पार्टी में विरोध के स्वर तेज़ हो गये हैं.

कांग्रेस के पूर्व विधायक और जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अरुण तिवारी ने कहा है कि करुणा शुक्ला टिकट की लालच में ठीक लोकसभा चुनाव के पहले कांग्रेस में आई है. उन्होंने कहा कि जो 32 सालों तक भाजपा में रहने के बाद विधान सभा का टिकट नही मिलने पर भाजपा छोड़ सकती हैं तो सहज ही इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि कांग्रेस पार्टी में वे क्यों आई हैं और कितने दिन तक बनी रहेंगी.

अपने अलग तरह के बयान के लिये चर्चा में रहने वाले अरुण तिवारी ने साफ कहा है कि अगर करुणा शुक्ला को पार्टी ने बिलासपुर से कांग्रेस पार्टी का प्रत्याशी बनाया तो कांग्रेस पार्टी का कोई भी कार्यकर्ता आम जनता के बीच उनके लिये वोट मांगने नहीं जाएगा.

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