अब घुटना प्रत्यारोपण हुआ आसान

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ में घुटना प्रत्यारोपण अब और भी आसान हो गया है. अभी तक घुटना प्रत्यारोपण करवाने वाले लोग सबसे अधिक इसी बात से परेशान रहते थे कि अगर घुटना ठीक-ठीक प्रत्यारोपित नहीं हुआ तो क्या होगा. लेकिन अब घुटना प्रत्यारोपण हेतु कंप्युटर नेविगेशन मशीन के इस्तेमाल ने इस तरह की दुविधा को समाप्त कर दिया है.

रविवार को राजधानी रायपुर के श्री मेडिशाइन हॉस्पिटल में न्यू हॉरिजन इन आर्थोप्लास्टी अपडेट 2015 के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित घुटना प्रत्यारोपण की लाईव सर्जरी एवं कार्यशाला में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई. मुंबई हॉस्पिटल के अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉक्टर श्रीधर आरचिक की विशेष उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में देश के सौ से अधिक आर्थोपेडिक डॉक्टरों ने हिस्सा लिया. इसके अलावा दूसरे चिकित्सक, रोटरी और लायंस क्लब के सदस्यों समेत कई लोग इस आयोजन में उपस्थित थे.


छत्तीसगढ़ में इस तरह के अनूठे आयोजन में घुटना प्रत्यारोपण हेतु कंप्युटर नेविगेशन मशीन का उद्घाटन तो हुआ ही, घुटना प्रत्यारोपण की सर्जरी का लाइव प्रसारण भी किया गया.

श्री मेडिशाइन हॉस्पिटल के निदेशक डॉक्टर सुशील शर्मा ने बताया कि घुटना प्रत्यारोपण में मुख्य कार्य प्रत्यारोपित घुटने को सही डायमेंशन में पैर के अन्दर स्थापित करना होता हैं. कंप्युटर नेविगेशन मशीन प्रत्यारोपित घुटने को मरीज की वास्ताविक स्थिति के अनुसार सही डायमेंशन में स्थापित करती है, जिसके कारण मरीज को इसका त्वरीत लाभ मिलता है. इस ऑपरेशन की सफलता का अंदाज इस बात से लगाया जा सकता है कि मरीज ऑपरेशन होने के बाद उसी दीन सामान्य रूप से चल-फिर सकता है.

ज्वाईट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉक्टर सुशील शर्मा ने जानकारी दी कि कंप्युटर नेविगेशन मशीन व्दारा श्री मेडिशाइन हॉस्पिटल में 100 से अधिक ऑपरेशन किये जा चुके हैं. उन्होंने इस बात को दुहराया कि मरीज़ों को सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा सुविधा देना हमारी पहली प्राथमिकता है. यही कारण है कि श्री मेडिशाइन हॉस्पिटल पूरे राज्य में अपनी सर्वसुविधायुक्त चिकित्सा व्यवस्था के लिये ख्यात हो चुका है.

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