कोरबा संयंत्र का चीफ केमिस्ट गिरफ्तार

बिलासपुर | एजेंसी: छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत गृह में पदस्थ मुख्य रसायनज्ञ को रायपुर आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया. न्यायालय ने रसायनज्ञ को जेल भेज दिया है. घटना की वजह अधिकारी द्वारा चिटफंड कंपनी के नाम पर कर्मियों से राशि लेकर दबा लिया जाना बताया जा रहा है.

बताया जाता है कि डीएसपीएम टीपीपी में मुख्य रसायनज्ञ के पद पर कार्यरत अजय कुमार श्रीवास्तव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने यह कार्रवाई 5-6 वर्ष पूर्व के मामले में की है. उस समय अजय श्रीवास्तव एचटीपीपी में पदस्थ थे. वहां उन्होंने चिटफंड कंपनी के नाम पर संयंत्र में काम करने वाले कर्मचारियों से ही नहीं, बल्कि अधिकारियों तक से भी राशि जमा कराई थी.


जमाकर्ताओं ने एक-एक लाख रुपये से भी ज्यादा राशि जमा कराई थी. जब राशि वापस करने का अवसर आया, तब अजय श्रीवास्तव ने कई लोगों की राशि वापस नहीं की. मामले में शिकायत होने पर विभागीय जांच भी शुरू हुई थी, किंतु बाद में अजय श्रीवास्तव का तबादला डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत गृह कर दिया गया.

राशि नहीं मिलने पर पीड़ितों ने इसकी शिकायत आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो में दर्ज कराई थी.

डीएसपीएम टीपीपी में बैठक के दौरान अजय श्रीवास्तव को पूछताछ के नाम पर आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो की टीम उठा ले गई.

इस मामले में अधिकांश अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं, जबकि बैठक में संयंत्र के मुख्य अभियंता स्तर से लेकर सभी अधिकारी रोजाना उपस्थित रहते हैं.

संयंत्र के मुख्य अभियंता एम.एस. कंवर का कहना है कि इसकी जानकारी नहीं है. पूछताछ करने के बाद स्पष्ट रूप से कुछ कहा जा सकता है. उधर, संयंत्र परिसर में अजय श्रीवास्तव को पूछताछ के लिए ले जाने की चर्चा दिन भर सरगर्म रही.

नगर निरीक्षक यदुमणि सिदार ने बताया कि रायपुर से आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो की टीम लारेंस खेस के नेतृत्व में कोरबा आई थी और भादवि की धारा 420 के किसी पुराने मामले में चीफ केमिस्ट को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है.

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