राखड़ बांध के विस्थापितों ने की तोड़फोड़

कोरबा | अब्दुल असलम: राखड़ बांध के भू-विस्थापितों ने नौकरी की मांग लेकर निर्माणाधीन बांध में जमकर तोड़-फोड़ की.

सोमवार को छत्तीसगढ़ विद्युत उत्पादन कंपनी की इस विस्तार परियोजना के भू-विस्थापितों ने नौकरी की मांग को लेकर डिडोल भाठा गांव मे बनाये जा रहे राखड बांध के काम को पहले तो बंद कराया और तोड फोड कर जमकर हंगामा मचाया. इस दौरान पुलिस और भूविस्थापितो के बीच जमकर झूमाझटकी हुई.


इन तस्वीरो मे आप साफ देख सकते है कि ग्रामीणो का आकोश इस कदर फूट पडा कि डिंडोल भाठा मे बनाये जा रहे राखड बांद के काम को रोकते हुये मौके पर मौजूद निर्माण के लिये रखे सामनो को फेंक दिया.

यहा तक की सामनो के लिये बनाये गये तंबू को उखाड फेका. मौके पर पुलिस बल उन्हे तोड फोड करने से रोकती रही पर आकोशित गामीण पुलिस की एक न सुनी और नुकसान पहुचाया.

इधर भू-विस्थापितो की माने तो प्रबंधन द्वारा लगभग पांच गांव की 400 एकड जमीन 268 खातेदारो से ली गई जिसमे से केवल 40 प्रभावितो को नौकरी दी गई. शेष बचे गामीण अपनी खेती-बडी देने के बाद बेरोजगार हो गये. अब वे नौकरी की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे है..

इधर मौके पर मौजूद कटघोरा एस डी एम गजेन्द्र सिंह ठाकुर का कहना है कि नियम अनुसार ग्रामीणो को मुआवजा और नौकरी दी गई है. आंदोलनकारियो द्वारा किये गये नुकसान के मामले मे कारवाई की बात भी वह कह रहे है.

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