रेप में उलझे बांधी

बिलासपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और मस्तूरी से मौजूदा विधायक डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी रेप के मामले में फंसते ही जा रहे हैं. पहले पीड़ित महिला शेरोलीना मसीह द्वारा बांधी पर आरोप लगाने और फिर मीडिया में उसके रिकॉर्डेड बयान के हाईलाइट होने से बांधी की मुश्किलें बढ़ा गई हैं. अब इस हाईप्रोफाइल मामले में पुलिस पर बांधी के खिलाफ मामला दर्ज करने का दबाव बढ़ता जा रहा हैं.

ऐन चुनाव के समय में मिले इस मामले को कांग्रेस भी पूरी तरह से भुनाने के मूड में दिख रही है और उसने बांधी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है और ऐसा न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है. वहीं भाजपा अपने विधायक बांधी को बचाने में जुट गई है.


उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश के छतरपुर की निवाली शेरोलीन मसीह ने मस्तूरी से विधायक डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी और उनके निजी सचिव भारद्वाज पर बुधवार को दैहिक शोषण का आरोप लगाया था. इसके बाद गुरुवार देर रात को मसीह की जलाकर हत्या कर दी गई जिसमें बांधी के निजी सचिव रिटायर्ड जज आर.आर. भारद्वाज और उनके पुत्र को गिरफ्तार किया गया था.

मृत्यु पूर्व मसीह ने मीडिया के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया था जिसमें बांधी पर रेप के आरोप लगाए गए थे. मृतका का कहना था, “भारद्वाज ने वर्ष 2010 में अखबार में विज्ञापन निकाला था कि विधवा या तलाकशुदा से विवाह करना चाहते हैं, कोई जाति बंधन नहीं. हमने फोन पर बातचीत की और बताया कि मेरे बच्चें हैं. उन्होंने कहा कि कोई बात नहीं, यहां आ जाओ, बैठकर बात कर लेंगे. उसके बाद हम बांधी साहब के रायपुर स्थित शंकर नगर बंगले में आए, एक दिन रहे, कुछ नहीं हुआ. फिर अगले हफ्ते उन्होंने घर पर ही मेरी मांग भरी और हमारे साथ संबंध बनाया.

फिर रात में बांधी साहब बंगले पर आए, कोई चौकीदार वगैरह नहीं था, इन्होंने (भारद्वाज ने) ही गेट खोला और पीछे का दरवाजा खोलते हुए कहा कि अब ये तुम्हारा साथ देंगे, तुम्हें और तुम्हारे बच्चों को नौकरी भी देंगे. फिर बांधी साहब ने रातभर हमारे साथ बलात्कार किया, भारद्वाज ने कराया और बांधी साहब ने किया. हम बचने के लिए काफी कोशिश किए, लेकिन उन्होंने मेरे दोनों हाथ पकड़ रखे थे.”

मप्र के छतरपुर निवासी पीड़िता शेरोलीन मसीह ने यह बयान नवंबर गुरूवार दोपहर को प्रिंट व ई- मीडियाकर्मियों के सामने दिया था. इसके बाद गुरुवार रात को ही उसे जिंदा जला दिया गया. बयान दर्ज कराने से पहले पीड़िता ने पुलिस में भारद्वाज के खिलाफ केस दर्ज कराने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने उसका आवेदन लेकर उसे चलता कर दिया.

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