लियाकत की फर्जी गिरफ्तारी पर सवाल

हिजबुल मुजाहिदीन के कथित आतंकवादी लियाकत शाह की गिरफ्तारी फर्जी साबित होने के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल एक बार फिर से विवादों के घेरे में आ गई है. आत्मसमर्पण के लिये आ रहे लियाकत को गोरखपुर से उसके परिजनों के बीच से गिरफ्तार किया गया और जामा मस्जिद से विस्फोटकों के साथ गिरफ्तारी दिखा दी गई.

आईबी के अधिकारियों का कहना है कि इस फर्जी केस और गिरफ्तारी के कारण हथियार डालकर मुख्य धारा में लौटने की इच्छा रखने वाले पूर्व कश्मीरी आतंकवादियों में गलत मेसेज जाएगा. पुलिस सूत्रों ने भी माना कि लियाकत केस में स्पेशल सेल बैकफुट पर आ चुकी है.

आईबी से वरिष्ठ अफसरों ने कहा है कि उन्होंने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को जानकारी दी थी कि लियाकत सरेंडर करने नेपाल से दिल्ली आकर कश्मीर जाएगा. स्पेशल सेल ने फुर्ती दिखाते हुए 19 मार्च को केस दर्ज किया और अगले दिन ही गोरखपुर पहुंचकर रेलवे स्टेशन से लियाकत को गिरफ्तार कर लिया. उस वक्त लियाकत के साथ उसके परिवार के लोग भी थे.

आईबी के अफसरों का कहना है कि गोरखपुर जाने और लियाकत को पकड़ने के बारे में दिल्ली पुलिस ने हमें पूरी तरह अंधेरे में रखा. हमें लियाकत की गिरफ्तारी की खबर 20 मार्च की रात को मिली.

आईबी के अफसरों का दावा है कि दिल्ली में फिदायीन हमले की साजिश से लियाकत का कोई लेना-देना नहीं है. उसके आने और सरेंडर करने के प्लान के बारे में न सिर्फ जम्मू-कश्मीर पुलिस और आईबी को बल्कि दिल्ली पुलिस को भी जानकारी थी. इसके बावजूद स्पेशल सेल ने वाहवाही लूटने के मकसद से लियाकत को फिदायीन हमले की साजिश में गिरफ्तार कर लिया.

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