लोकपाल होता तो नहीं होती ‘आप’

नई दिल्ली | संवाददाता: साफ बयानी के लिये प्रख्यात कांग्रेस के जयराम रमेश ने कहा है कि दो साल पहले यदि लोकपाल विधेयक पारित हो गया होता तो आप नहीं होती. जयराम रमेश का इशारा दिल्ली विधानसभा में अपनी पार्टी के मात खा जाने तथा भाजपा के सत्ता से दूर रह जाने पर की ओर था.

हालांकि कांग्रेस ने जयराम रमेश के बयान से किनारा कर लिया है. कांग्रेस महासचिव शकील अहमद ने कहा, “यह उनकी निजी राय और टिप्पणी हो सकती है और उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है.”


जयराम रमेश ने देश के राजनीतिज्ञो को आगाह किया है कि आम आदमी पार्टी का मजाक न उड़ाये. यह पार्टी अलग-अलग प्रदेशों में अलग-अलग रूपों में अवतरित हो सकती है.

उन्होंने कहा, “हम आम आदमी पार्टी की उपेक्षा नहीं कर सकते क्योंकि वे भ्रष्टाचार, राजनीति में मितव्ययिता, राजनीति में सादगी को लेकर आंदोलन कर रहे हैं तो उचित मूल्यों वाले मुद्दे हैं.”

कांग्रेस नेता तथा केन्द्रीय मेंत्री जयराम रमेश ने कम्युनिस्टों की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे आम आदमी के समान जीवन जीतें हैं. उन्होंने टिप्पणी की कि अब प्रकाश करात कह रहें हैं कि हम आम आदमी पार्टी हैं.

गौरतलब है कि चार राज्यों में मात खाई कांग्रेस तथा दिल्ली में सबसे ज्यादा सीटें पाने वाली भाजपा को जयराम रमेश ने इशारों ही इशारों में बहुत कुछ कह दिया है. वास्तव में यह सच है कि जब अन्ना हजारे के नेतृत्व में दिल्ली के राम लीला मैदान में जनलोकपाल कानून के लिये भूख हड़ताल चल रही थी उस वक्त यदि यह कानून पारित कर दिया गया होता तो अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में शायद आम आदमी पार्टी का जन्म नहीं होता.

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