काला धन वालों की खैर नहीं

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: काले धन पर शिकंजा कसने के लिये काला धन विरोधी कानून लाया जा रहा है. जिसके तहत विदेशों में काला धन रखने वालों को अधिकतम 10 वर्षो की कैद तथा 300 फीसदी जुर्माने का प्रावधान रखा जा रहा है. इसके अलावा कर योग्य न होने पर भी विदेशी धन पर रिटर्न जमा करना अनिवार्य होगा. रिटर्न न जमा करने की सजा 7 साल तक की कैद हो सकती है. जाहिर है कि केन्द्र सरकार ने काले धन के खिलाफ कड़ा कानून लाने का मन बना लिया है. केंद्रीय बजट के दौरान कालेधन को वापस लाने के लिए वित्तमंत्री अरुण जेटली द्वारा की गई घोषणाओं को ठोस स्वरूप देने के लिए सरकार ने काला धन विरोधी कानून को मंजूरी दी. विदेशी आय एवं अज्ञात संपत्ति विधेयक, 2015 लोकसभा में पेश किया जाएगा, जिसके तहत जो व्यक्ति विदेशी संपत्ति से संबंधित करों को बचाने की जुगत करेंगे, उन्हें 10 वर्षो की कठोर सजा होगी.

इसके प्रावधानों के तहत विदेशी आय व संपत्तियों को छिपाना समझौते के अयोग्य होगा और विवाद को सुलझाने के लिए उन्हें समझौता आयोग जाने की अनुमति नहीं होगी.


साथ ही छिपाई गई आय या संपत्ति पर लगने वाले कर का 300 फीसदी की दर से उन्हें जुर्माना देना होगा.

नए कानून के मुताबिक, किसी भी अघोषित विदेशी संपत्ति या विदेशी संपत्ति से अघोषित आय पर कर अधिकतम सीमांत दर के हिसाब से लगेगा. लाभार्थी या विदेशी संपत्ति के लाभार्थी को रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य होगा, भले ही आय कर योग्य न हो.

समाचारपत्र इंडियन एक्सप्रेस की पिछले महीने की एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2006-07 के दौरान एचएसबीसी बैंक की जेनेवा शाखा में 1,195 भारतीयों के खाते थे.

रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सरकार ने 350 विदेशी खातों का आकलन पूरा कर लिया है, जबकि 60 खाताधारकों के खिलाफ कर चोरी की कार्यवाही की प्रक्रिया शुरू की गई है.

इसी बीच, आयकर विभाग ने कर चोरी के गंभीर मामलों को दीवानी मामलों से आपराधिक मामलों की ओर कर दिया है.

पिछले महीने एक बयान में वित्त मंत्री ने कहा, “साल 2014-15 के दौरान दिसंबर 2014 तक आयकर विभाग ने 414 समूहों में तलाशी ली थी और 582 करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति को जब्त किया था.”

इन तलाशियों के दौरान करदाताओं ने 6,769 करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति को स्वीकारा था.

विधेयक के मुख्य बिंदू :

– विदेशी संपत्ति से संबंधित कर की चोरी करने वालों को अधिकतम 10 वर्ष की कठोर सजा

– छिपाई गई आय व संपत्ति पर 300 फीसदी की दर से जुर्माना

– किसी भी अघोषित विदेशी संपत्ति या विदेशी संपत्ति से अघोषित आय पर अधिकतम कर लागू होगा

– लाभार्थी या विदेशी संपत्ति के लाभार्थी को रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य होगा, भले ही कर योग्य आय न हो

– आयकर रिटर्न नहीं दाखिल करने या विदेशी संपत्ति की अपर्याप्त खुलासे का रिटर्न दाखिल करने पर सात साल की कठोर सजा का प्रावधान.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!