प्रत्याशियों देंगे विदेशी धन की जानकारी

रायपुर | एजेंसी: लोकसभा चुनाव में अबकी बार प्रत्याशियों को नामांकन के दौरान पहली बार अपने विदेशी खातों और संपत्तियों की भी जानकारी देनी है. विदेशों में जमा पैसों को लेकर देश में गरमाई राजनीति के बीच निर्वाचन आयोग भी अब प्रत्याशियों से विदेशी एकाउंट और प्रापर्टी का ब्यौरा मांगने जा रहा है.

छत्तीसगढ़ के ज्वाइंट सीईओ डी.डी. सिंह के मुताबिक पूर्व की व्यवस्था में कहीं भी ऐसा नहीं लिखा है कि विदेशी एकाउंट और प्रापर्टी की जानकारी नहीं देनी है. बस इस बार चुनाव आयोग उसे स्पष्ट करते हुए अनिवार्य रूप से देने को कहेगा.

आयोग यह जानकारी नामांकन के साथ भरे जाने वाले घोषणा पत्र में देने को कहेगा. निर्वाचन आयोग द्वारा पहली बार प्रत्याशियों से ऐसा ब्यौरा देने को कहा है. चुनाव आयोग के इस कदम से जहां राजनीतिक दल सकते में हैं, वहीं प्रत्याशियों के चेहरों पर हवाइयां उड़ी हुई हैं. उन्हें इस बात का डर सताने लगा है कि कहीं उन्होंने अपने ब्यौरे में विदेशी एकाउंट और प्रापर्टी की बात छुपाई और इसका खुलासा हो गया तो वे मुश्किल में फंस सकते हैं.

अब तक नामांकन के दौरान प्रत्याशियों से उनके स्थानीय बैंक एकाउंट और प्रापर्टी का ही ब्यौरा लिया जाता रहा है. सूत्रों की मानें तो आयोग की इस पहल से ऐसे कुछ राजनीतिक चेहरे जरूर सामने आ जाएंगे जिनके बैंक एकाउंट और प्रापर्टी विदेशों में हैं.

राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों से विदेशी एकाउंट और प्रापर्टी की जानकारी मांगने के लिए आयोग मौजूदा नियमों में कोई संशोधन नहीं करने जा रहा है. वह पुरानी व्यवस्था को ही स्पष्ट करने जा रहा है. नामांकन के दौरान एफीडेविट में बैंक एकाउंट और प्रापर्टी का ब्यौरा देने की व्यवस्था पहले ही है.

छत्तीसगढ़ के ज्वाइंट सीईओ के मुताबिक पूर्व की व्यवस्था में कहीं भी ऐसा नहीं लिखा है कि विदेशी एकाउंट और प्रापर्टी की जानकारी नहीं देनी है. बस इस बार चुनाव आयोग उसे स्पष्ट करते हुए अनिवार्य रूप से देने को कहेगा. चुनाव आयोग के मुताबिक यदि कोई प्रत्याशी घोषणा पत्र में विदेशी एकाउंट और प्रापर्टी की जानकारी छुपाता है और वह सामने आ जाती है. तो उसके निर्वाचन को निरस्त भी किया जा सकता है.

लोकसभा चुनाव में कालेधन का उपयोग रोकने इनकम टैक्स विभाग ने मोर्चा संभाल लिया है. उसके अधिकारी राजधानी के साथ ही हर जिले में फैल गए हैं. कंट्रोल रूम भी बन गया है जिसमें 24 घंटे गोपनीय सूचनाएं दी जा सकेंगी. विधानसभा चुनाव में सोने-चांदी के अलावा करोड़ों रुपये पकड़कर इनकम टैक्स विभाग ने तहलका मचा दिया था. इस बार भी उसके अधिकारी एयरपोर्ट, स्टेशन समेत सभी संभावित स्थानों पर जम गए हैं. ज्वाइंट डायरेक्टर (इंवेस्टिगेशन) संजय कुमार ने सख्ती से कालेधन पर नजर रखने और सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा है. कंट्रोल रूम में टोल-फ्री नंबर 18002337662 पर गोपनीय शिकायतें दर्ज की जाएंगी.

यह नंबर आचार संहिता लगने के दिन ही शुरू कर दिया गया है. अफसरों का मानना है कि विधानसभा की तुलना में लोकसभा चुनाव में कालाधन पकड़ना बड़ी चुनौती रहेगी. लोकसभा का क्षेत्र वृहद होता है. इस वजह से आरोपी तक पहुंचने में वक्त लग सकता है. इंदौर में शुक्रवार को ढाई करोड़ रुपये पकड़े जाने के बाद छत्तीसगढ़ में विशेष एहतियात बरता जा रहा है. विधानसभा चुनाव के दौरान कालेधन के साथ पकड़े गए सभी लोगों से टैक्स वसूला जा रहा है.

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