फेरी वालों को समर्थ बनाने विधेयक पारित

नई दिल्ली | एजेंसी: लोकसभा ने शुक्रवार को फेरी लगाने वाले (जीवन यापन संरक्षण एवं फेरी लगाने के नियमन) विधेयक 2012 को पारित कर दिया. इस विधेयक का उद्देश्य शहरों में फेरी लगाने वालों के अधिकारों की रक्षा करना है.

आवासन एवं शहरी गरीबी उपशमन मंत्री गिरिजा व्यास ने गुरुवार को विधेयक पेश करते हुए कहा कि यह फेरी लगाने वालों को बिना भय के जीवन यापन के लिए कमाई करने में समर्थ बनाएगा. विधेयक पर शुक्रवार को चर्चा पूरी हुई.


यह विधेयक शहरी सड़कों पर विक्रय करने वालों को पुलिस और नगरपालिका के कर्मचारियों द्वारा प्रताड़ना पर रोक लगाने और फेरी गतिविधि का नियमन करने के लक्ष्य से लाया गया है.

समाजवादी पार्टी, जनता दल-युनाइटेड और शिवसेना सहित विपक्षी दलों के कुछ सदस्यों ने भी सरकार से इस मुद्दे का समाधान निकालने का आग्रह किया था.

मंत्री ने कहा, “वर्तमान में करीब दो प्रतिशत आबादी फेरी लगाकर गुजर बसर करती है और आने वाले कुछ वर्षो में यह संख्या 2.5 प्रतिशत पर पहुंच सकती है.”

यह विधेयक स्थानीय अधिकारियों द्वारा फेरी वालों को प्रमाणपत्र मुहैया कराएगा और उन्हें पुलिस व अन्य अधिकारियों की प्रताड़ना से बचाएगा.

यह विधेयक यह भी कहता है कि 50 वर्षो से जहां बाजार लगता है उसे प्राकृतिक बाजार माना जाएगा और वहां कारोबार करने वाले फेरी वालों का संरक्षण किया जाएगा.

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