व्यापमं: मुश्किल में शिवराज

भोपाल | समाचार डेस्क: व्यापमं घोटाले से जुड़े लोगों की लगातार मौतें शिवराज सिंह के लिये परेशानी का सबब बन गया है. केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से दिल्ली के पत्रकार की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की जांच कराने के लिए कहा. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, “गृह मंत्री ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से बातचीत की. हमारे पास बातचीत का विस्तृत ब्यौरा नहीं है, लेकिन गृह मंत्री ने शिवराज सिंह से पत्रकार की मौत का व्यापक जांच कराने के लिए कहा है.”

अधिकारी ने बताया कि ऐसा माना जा रहा है कि राजनाथ ने मध्य प्रदेश के व्यापमं घोटाले से संबंधित संदिग्ध मौतों पर चिंता व्यक्त की, खासकर शनिवार को हुई दिल्ली के पत्रकार की मौत पर.

उल्लेखनीय है कि व्यापमं घोटाले ने पिछले 24 घंटे में दो लोगों की जान ले ली. दिल्ली के एक समाचार चैनल के पत्रकार की जहां मध्यप्रदेश के झाबुआ में इस घोटाले से संबंधित समाचार कवर करने के दौरान शनिवार को मौत हो गई वहीं पुलिस जांच में मदद कर रहे मध्य प्रदेश के एक मेडिकल कॉलेज के डीन अरुण शर्मा रविवार को दिल्ली के एक होटल में मृत अवस्था में मिले. राज्य सरकार इस मामले में 25 मौत होने की बात कह रही है तो एसआईटी का कहना है कि 33 मौतें हुई हैं. लेकिन कांग्रेस का आरोप है कि इस मामले में अब तक 48 लोगों की मौत हो चुकी है.

व्यापमं घोटाले की कवरेज करने दिल्ली से मप्र आए समाचार चैनल ‘आजतक’ के पत्रकार अक्षय सिंह की शनिवार की दोपहर झाबुआ में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. रविवार को दिल्ली में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया. उनके परिवार वालों ने विसरा जांच राज्य से बाहर कराने की मांग की थी जिसे राज्य सरकार ने स्वीकार कर लिया. इसके साथ ही सरकार ने अक्षय की मौत मामले की जांच विशेष जांच दल को करने के लिए कहा है.

दिल्ली के निगमबोध घाट पर अक्षय का अंतिम संस्कार किया गया. उनके अंतिम संस्कार में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल भी पहुंचे. दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, कांग्रेस नेता अजय माकन और दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष सतीश उपाध्याय भी निगमबोध घाट पहुंचे.

वहीं कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यहां एक प्रेसवार्ता के दौरान कहा, “सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में सीबीआई द्वारा इस मामले की जांच कराने की आवश्यकता है. भले ही विशेष जांच दल इस मामले की पहले से जांच कर रहा है, लेकिन इसमें (सीबीआई से जांच कराने में) कोई परेशानी नहीं है.”

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस की एसआईटी इस मामले में सच्चाई का पता लगाने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं कर रही है, और इसीलिए इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप देनी चाहिए.

इससे पहले आम आदमी पार्टी ने भी रविवार को मांग की थी कि घोटाले को कवर करने गए टीवी पत्रकार की मध्य प्रदेश में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में इस मामले की जांच होनी चाहिए.

उधर इस मामले की पुलिस जांच में मदद कर रहे मध्य प्रदेश के एक मेडिकल कॉलेज के डीन अरुण शर्मा रविवार को दिल्ली के एक होटल में मृत मिले. उनसे व्यावसायिक परीक्षा मंडल घोटाले में पूछताछ चल रही थी.

उनका शव इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के नजदीक द्वारका इलाके के एक उप्पल होटल के एक कमरे में मिला. वह मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की निरीक्षण टीम के सदस्य के नाते त्रिपुरा जाने वाले थे.

पुलिस ने बताया कि 64 वर्षीय अरुण शर्मा जबलपुर स्थित मेडिकल कॉलेज के डीन थे. वह मध्य प्रदेश के व्यापमं घोटाले के संबंध में विशेष कार्य बल की जांच में सहयोग कर रहे थे. उन्होंने इस क्रम में मेडिकल कॉलेज में हुए फर्जी मेडिकल प्रवेश परीक्षा के दस्तावेज उपलब्ध कराए थे.

दिल्ली पुलिस उपायुक्त आर.ए.संजीव ने बताया कि शर्मा शनिवार शाम उप्पल होटल आए थे और उन्होंने रविवार सुबह जगाने की बात कही थी. सुबह जब होटल कर्मचारी के आवाज देने पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया, तब कर्मचारी को लगा कि कुछ गलत हुआ है और उसने फिर पुलिस को सूचना दी.

अधिकारी ने बताया, “पुलिस की निगरानी में उनके कमरे का दरवाजा तोड़ा गया. डीन को बिस्तर पर मृत अवस्था में पाया गया.”

उन्होंने बताया, “उनके बिस्तर के नजदीक व्हिस्की और कुछ दवाइयां मिली हैं. उनके शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं है. हम उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार करेंगे, उसके बाद ही मौत की वजह का पता चल पाएगा.”

मध्य प्रदेश में राजनीतिज्ञों, अधिकारियों तथा व्यवसायियों पर व्यापमं घोटाले में संलिप्त होने के आरोप लग रहे हैं. 2013 से लेकर अब तक इस मामले में 40 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.

इस घोटाले में सबसे हाई प्रोफाइल मौत मध्य प्रदेश के राज्यपाल राम नरेश यादव के बेटे 50 वर्षीय शैलेश की हुई है, जिन्हें 25 मार्च को उनके पिता के लखनऊ स्थित आवास पर मृत पाया गया था.

ज्ञात हो कि राज्य में इंजीनियरिंग कालेज, मेडिकल कॉलेज में दाखिले से लेकर विभिन्न विभाग की भर्तियों की परीक्षा व्यापमं आयोजित करता है. इन दाखिलों और भर्तियों में हुई गड़बड़ी का खुलासा होने के बाद जुलाई 2013 में पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. इस मामले में पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा से लेकर व्यापमं के पूर्व नियंत्रक पंकज त्रिवेदी सहित वरिष्ठ अधिकारी व राजनीतिक दलों से जुड़े लोग जेल में हैं. राज्यपाल रामनरेश यादव पर भी सिफारिश करने का प्रकरण दर्ज है.


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