मद्रास कैफे में अतीत पर्दे पर लाना चुनौतीपूर्ण: सुजीत

मुंबई | एजेंसी: फिल्मकार सुजीत सरकार के लिए अपनी आनेवाली फिल्म ‘मद्रास कैफे’ में श्रीलंका के गृहयुद्ध यानी बीते दौर का दृश्य और माहौल तैयार करना एक चुनौती थी.

सरकार ने कहा, “चूंकि फिल्म आतंकवाद और गृहयुद्ध जैसे गंभीर विषय पर बनी है, इसलिए इसमें सबसे बड़ी चुनौती थी उस दौर का माहौल तैयार करना. यह कोई सुपर हीरो या मारधाड़ वाली फिल्म नहीं है. यह इतिहास की सच्ची घटना पर आधारित है.”

सरकार कहते हैं कि ध्वनि और दृश्यों में वास्तविकता का आभास लाने के लिए उन्होंने असली गोलियों का इस्तेमाल किया. उन्होंने कहा कि दर्शक जब फिल्म देखने के लिए सिनेमाघर में प्रवेश करेंगे, तो वह उन्हें गृहयुद्ध के दौर में ले जाएंगे.

फिल्म के बारे में चर्चा है कि इसके निर्माण की योजना पिछले सात साल से चली आ रही थी और सरकार ने कहा कि उन्होंने चार साल पहले इस फिल्म पर काम करना शरू किया.

उन्होंने कहा, “फिल्म के लिए हमने बहुत मेहनत की, शोध कार्य किया, किताबें पढ़ीं और इंटरनेट से भी जानकारियां हासिल कीं.”

सरकार का मानना है कि यहां पर दर्शकों की पसंद बदलती है और विकसित होती रहती है. दर्शक हर शैली की एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की फिल्मों को पसंद करने लगे हैं.

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