भाजपा-शिवसेना बंधन टूटा

मुंबई | समाचार डेस्क: महाराष्ट्र में शिवसेना और भारतीय जनता पार्टी का 25 साल पुराना गठबंधन टूट गया है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र फणनवीस ने देर शाम प्रेस कांफ्रेंस में इसकी घोषणा करते हुए कहा, ”हमने अकेले जाने का निर्णय ले लिया है.”

इसी संवाददाता सम्मेलन में भाजपा नेता एकनाथ खडसे ने कहा, ”सेना सीएम पद पर अड़ी रही है और तरह-तरह के प्रस्ताव देती रही. इस चर्चा में हमको समाधान नहीं मिला, इसलिए हमारे कोर ग्रुप ने फ़ैसला किया है कि शिवसेना के साथ जो 25 साल का संबंध है, वो ख़त्म हो चुका है.”

देवेंद्र फणनवीस ने कहा, ”इस गठबंधन का जीतना तय था. हमारा मानना है कि महाराष्ट्र को कांग्रेस मुक्त किया जाए.”

उन्होंने कहा, ”हम चाहते थे कि गठबंधन के दलों को सम्मानजनक सीटें मिलें, लेकिन जब भी प्रस्ताव आया तो या तो घटक दलों की या हमारी सीटें कम होती थीं. आखिरी प्रस्ताव में घटक दलों को सात सीटें दी गई थीं लेकिन हमने इसे विनम्रता से अस्वीकार कर दिया.”

उन्होंने कहा, ”हमने तय कर लिया है कि इन छोटे घटक दलों को छोड़ नहीं सकते जिन्होंने लोकसभा चुनाव में हमारा साथ दिया था. आज भी शिव सेना ने एक प्रस्ताव दिया था लेकिन उसमें केवल शब्दों का हेर-फेर था. जब भी प्रस्ताव आया तो कहा जाता था कि हमने यह फैसला किया है, आपको कुछ कहना हो तो कहें.” उन्होंने कहा, ”शिवसेना के साथ हमारी दोस्ती हमेशा बनी रहेगी. चुनाव के समय हम उनके खिलाफ कोई टीका-टिप्पणी नहीं करेंगे और उम्मीद है सेना भी ऐसा नहीं करेगी.”

इससे पहले शिव सेना ने भाजपा पर महाराष्ट्र में गठबंधन तोड़ने की जल्दबाजी करने का आरोप लगाया था.

शिव सेना के नेताओं ने भाजपा नेताओं पर बिना सूचना दिए बैठक से उठकर चले जाने का भी आरोप लगाया.

रविवार को ही उद्धव ठाकरे ने अपनी ओर से एक अंतिम सुझाव दिया जिसके अनुसार शिवसेना 151, बीजेपी 119 और छोटी पार्टियों के लिए 18 सीटें छोड़ने की बात कही गई है.

ग़ौरतलब है कि महाराष्ट्र में विधानसभा की 288 सीटें हैं. 2009 में हुए विधानसभा चुनाव में शिवसेना ने 169 सीटों पर और बीजेपी ने 119 सीटों पर चुनाव लड़ा था.

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