केन्दा क्षेत्र में मलेरिया का कहर जारी

रतनपुर | उस्मान कुरैशी: केन्दा क्षेत्र के वनांचल में मलेरिया का कहर जारी है. पखवाड़े भर में बुखार पीड़ित 426 मरीजों की जांच में 109 मलेरिया से पीड़ित मिले. सरकारी चिकित्सक स्थिति को नियंतित्र बता रहे है. वही जमीनी हालात कुछ और बयां कर रहे है.

कोटा विकासखंड के दुरस्थ वनांचल चपोरा बेलगहना केन्दा छतौना पुडु रिगवार उमरिया क्षेत्र मंथ बीते एक माह से मलेरिया का प्रकोप जारी है. मलेरिया की रोकथाम के लिए प्रशासन द्वारा किए जा रहे सारे दावें खोखले साबित हो रहे है.


सिर्फ केन्दा सेक्टर की बात करें तों प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र केन्दा से मिले अधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 11 से 25 नवम्बर तक 425 बुखार पीड़ित अस्पताल पहुंचे. इन मरीजों के रक्त के नमूनें लेकर की गई जांच में 109 मलेरिया से पीड़ित पाए गए.

ये सिर्फ उन लोगों के आकड़े है जो अपनी गरीबी की वजह से यहां उपचार के लिए पहुंचे है. थोड़े खाते पीते बीमार लोगों की जानकारी के निजी अस्पतालों में तफतीश की जाएं तो ये आकड़े और बढ़ सकते है.

सोमवार की दोपहर जब हम केन्दा के सरकारी अस्पताल पहुंचे तो गंभीर रूप से सात मलेरिया से पीड़ित मरीज भर्ती मिले. काफी संख्या में ओपीडी में अपनी अपनी पारी का इंतजार करते मिले. भर्ती मरीजों डीप से गलूकोस दिया जा रहा था.

सेमरी नेवारीबहरा के नौ साल के आदिवासी बालक प्रभाकर सिंह भैना तीसरी कक्षा में पढ़ता है. सोमवार को स्कूल गया था जहां हालत बिगड़ने पर शिक्षक ने घर पहुंचाया. घर में मौजूद मामा घनुषराम उसे अस्पताल पहुंचाया. धनुषराम कहते है कि उनका गांव सिपहरी पंचायत में आता है. गांव के काफी लोग बुखार से पीड़ित है.

अब तक काई भी दवा देने या बीमार लोगों की जांच करने गांव नही पहुंचा है. सिलपहरी के ही सातवीं की छात्रा सबनी को गंभीर हालत में लाकर भर्ती कराया गया है. उसके साथ अस्पताल में मौजूद उसके 16 वर्षीय भाई विनोद यादव कहते है कि बीते सात दिनों से बहन की तबीयत खराब है. घर में दवाई दी थी. हालत में सुधार नही होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उसने बताया कि कुछ दिनों पहले उनके एक परिजन कन्हैयालाल को भी भर्ती कराया गया था.

सिलपहरी की ही गंगा बाई को दो दिनों से बुखार आ रहा था. सोमवार को तबियत बिगड़ने पर उसे भर्ती कराया गया है. विचारपुर की आठ साल की सावित्री टोप्पो को भी गंभीर अवस्था में लाकर भर्ती कराया गया है.

कागजों में तो मलेरिया विभाग के अमले दूर वनांचल के के गांवों में सर्वे कर मरीजों की पता साजी में जुटे है. जमीनी हालातों चुगली बढ़ते मलेरिया के मरीजों की संख्या कर रहे है.

केन्दा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की प्रभारी चिकित्सक विनीता पाण्डेय स्थिति को नियंत्रण में होना बताती है. वे कहती है कि स्वास्थ्य अमला सक्रियता से गांव गांव मलेरिया पीड़ित मरीजों की जांच में जुटा है. बढ़ते मरीजों की संख्या पर वे कुछ भी संतोषप्रद जवाब देने में नाकाम रही है. अधिकारिक रूप् से मलेरिया से किसी के मौत होने बात को भी वे सीधे तौर पर नकारती है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!