जिंदल का कोल ब्लाक सवालों में

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ के मांड में प्रस्तावित जिंदल के कोल ब्लाक पर खारिज किये जाने का प्रस्ताव मंडरा रहा है. इस कोल ब्लाक को जिंदल स्टील इवं पावर लिमिटेड को आबंटित किया गया था.

कोयला मंत्रालय ने 20 दिसंबर को एक कारण बताओं नोटिस जारी करते हुआ पूछा है कि कोल ब्लाक स्थापित करने में देरी के कारण क्यों न इसका आबंटन ही रद्द कर दिया जावे. इस कोल ब्लाक आबंटन 13 जनवरी 2006 को जिंदल को दिया गया था.


इस कोल ब्लाक की 156 मिलियन टन कोयला है. गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने कोयला मंत्रालय से शिकायत की थी कि जेएसपीएल-नलवा ने कोल ब्लाक का विकास नहीं किया है. यह कोल ब्लाक गारे, लमडरहा, सरियाटोला, खम्हारी, करवाही तथा टेहलीरामपुर गांवों में फैला हुआ है. जिंदल को 6.6 लाख टन के स्पंज आयरन तथा कैपटिव विद्युत उत्पादन इकाई के लिये दिया गया था.

छत्तीसगढ़ के खदान सचिव ने बताया है कि हमें दोनों कंपनियों द्वारा निवेश किये गये राशि की जानकारी नहीं है. उन्होंने बताया है कि निवेश किया गया है परन्तु हमें कागजात चाहियें.दोनों कंपनियों से 9 जनवरी तक इस बात की सूचना देने के लिये कहा गया है.

दिल्ली में कोयला सचिव की अध्यक्षता में इस पर चर्चा की जायेगी. हालांकि कंपनी के प्रवक्ता ने ऐसे आरोपो से इंकार किया है तथा बताया है कि हमनें निवेश की जानकारियां कोयला नियंत्रक को दी थी.

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