उम्मीद से कमजोर रहा बाजार

मुंबई | एजेंसी: नकारात्मक वैश्विक और स्थानीय संकेतों की वजह से सप्ताह के दौरान भारतीय शेयर बाजार 465.04 अंक यानी 1.59 प्रतिशत नीचे लुढ़क गया. इन नकारात्मक संकेतों में यूरोजोन क्षेत्र में ग्रीस के भविष्य से जुड़ी अनिश्चितताएं और उम्मीद से कमजोर तिमाही नतीजे शामिल हैं. बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, उम्मीद से कमजोर रहे तिमाही नतीजों, विशेष रूप से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा प्रमुख ब्याज दरों में बदलाव नहीं करने के निर्णय से भारतीय शेयर बाजारों पर नकारात्मक असर पड़ा.

कोटक सिक्युरिटीज में निजी ग्राहक समूह अनुसंधान के प्रमुख दीपेन शाह ने कहा, “पिछले पूरे सप्ताह बाजारों में गिरावट रही. इस गिरावट के लिए उम्मीद से कमजोर तिमाही नतीजे बड़े स्तर पर जिम्मेदार रहे.”


पीएसयू बैंकों के कमजोर नतीजों से उनकी परिसंपत्ति गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं. टाटा मोटर्स के नतीजे भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे. हालांकि हमारी उम्मीदों के मुताबिक ही आरबीआई ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया.

शाह ने आगे कहा, “आगे बाजार का ध्यान दिल्ली विधानसभा चुनाव, बाकी बचे तिमाही नतीजों और बजट पर रहेगा. संस्थागत सुधारों के साथ विकास केंद्रित बजट से बाजारों की दोबारा रेटिंग में मदद मिलेगी. हालांकि बजट में किसी तरह की हताशा से बाजार पर नकारात्मक असर पड़ेगा.”

छह फरवरी को समाप्त सप्ताह में साप्ताहिक कारोबार में बंबई स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाले सूचकांक सेंसेक्स 465.04 अंक यानी 1.59 प्रतिशत नीचे रहा. यह सूचकांक 28,717.91 अंकों पर बंद हुआ,

जबकि 30 जनवरी को सेंसेक्स 29,182.95 अंकों पर बंद हुआ था.

30 जनवरी को समाप्त साप्ताहिक कारोबार में सेंसेक्स 95.89 अंक यानी 0.32 प्रतिशत लुढ़क कर 29,182.95 अंकों पर बंद हुआ था, जबकि 23 जनवरी को सेंसेक्स 29,278.84 पर बंद हुआ था.

अन्य विश्लेषकों ने बजट के आसपास के समय बाजार में तेजी की संभावनाओं से इंकार नहीं किया है. फ्यूचर एंड ऑप्शन्स के निपटान और रेल व केंद्रीय बजट की वजह से फरवरी के आखिरी सप्ताह में बाजार में तेजी और उच्च अस्थिरता की संभावना है.

बाजार के आंतरिक सूत्रों से पता चला है कि आगामी सप्ताह में घरेलू मोर्चे पर बाजार के प्रमुख उत्प्रेरक कारकों में नौ फरवरी को जारी होने वाले सकल घरेलू उत्पाद के आंकड़े भी होंगे.

इसके बाद 10 फरवरी को आयात-निर्यात आंकड़े जारी किए जाएंगे. वहीं, 12 फरवरी को औद्योगिक उत्पादन सूचकांक और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़े जारी किए जाएंगे. इन आंकड़ों के आधार पर ही आरबीआई अपनी अगली क्रेडिट पॉलिसी में फेरबदल कर सकती है.

शुक्रवार को बीएसई सेंसेक्स 133.06 अंकों यानी 0.46 प्रतिशत की गिरावट के साथ 28,717.91 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि गुरुवार को सेंसेक्स 28,850.97 के स्तर पर बंद हुआ था.

शुक्रवार को मुनाफे में रहने वाली कंपनियों में एचडीएफसी 2.45 प्रतिशत की मजबूती के साथ 1,279.50, इन्फोसिस 1.63 प्रतिशत बढ़त के साथ 2,229.35, सेसा स्टरलाइट 1.35 प्रतिशत की बढ़त के साथ 210.60 पर, आईटीसी 1.32 प्रतिशत की मजबूती के साथ 373.50 और भारती एयरटेल 1.14 प्रतिशत की मजबूती के साथ 367.55 पर रही.

घाटे में रहने वाली कंपनियों में टाटा मोटर्स सबसे आगे रही. टाटा मोटर्स 5.05 प्रतिशत की गिरावट के साथ 559.75 पर, बीएचईएल 4.79 प्रतिशत लुढ़क कर 264.20, सन फार्मा 2.98 प्रतिशत गिर कर 928.60, टाटा स्टील 2.67 प्रतिशत की गिरावट के साथ 369.30, महिंद्रा एंड महिंद्रा 2.59 प्रतिशत गिरावट के साथ 1,149.20 पर रही.

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